हम वास्तव में नहीं चाहते हैं कि हमारे बच्चों या हमारे बुजुर्गों को प्रदूषण के कारण निरंतर बीमारियों के कारण न जूझना पड़े।
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एक तो कोरोना महामारी का संकट और ऊपर से प्रदूषण लोगों पर दुगुना कहर बरपाता नजर आ रहा है। अत: प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक स्वरूप में सोचना हर नागरिक का कर्तव्य है। वास्तव में हम नहीं चाहते कि हमारी भविष्य की पीढ़ियां दिल्ली में एक अस्वास्थ्य कर वातावरण में रहें। हम वास्तव में नहीं चाहते हैं कि हमारे बच्चों या हमारे बुजुर्गों को प्रदूषण के कारण निरंतर बीमारियों के कारण न जूझना पड़े। जाहिर है प्रदूषण की समस्या से कोरोना के कारण लगे लॉक डाउन में राहत मिली थी लेकिन इस समस्या से निपटना इतना आसान नहीं है। जनसहयोग और सरकार, दोनों को इस समस्या को लेकर गंभीर होना होगा।
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