पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद के खिलाफ एक शब्द या इशारा भी ट्रंप ने नहीं किया। अलबत्ता अपने मुल्क में आतंकवाद को लेकर सख्ती का जिक्र भरपूर किया, लेकिन पाक पोषित आतंकवाद को बरजने की कोई बात न करके तथा भारत को शांति बनाए रख्रने की नसीहत देकर एक तरह से पाकिस्तान को राहत ही दी।
धार्मिक असहिष्णुता और सीएए पर भारत को राहत
यह कयास लगाए जा रहे थे कि ट्रंप धार्मिक असहिष्णुता को लेकर या सीएए को लेकर भारत में चल रहे माहौल और सियासत के मददेनजर कोई टिप्पणी कर सकते हैं, ऐसा व्हाइट हाउस के सूत्रों कें हवाले से आए बयानों से लग भी रहा था, लेकिन ट्रंप ने भारत में सभी सम्प्रदायों के बीच सद्भाव और शांति होने की बात कहकर एक तरह से मोदी सरकार को राहत ही दी।
हालांकि इसके पहले अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत यात्रा के दौरान धार्मिक स्वतंत्रता पर अपनी बात कह चुके थे, इस वजह से इस दफा ट्रंप भी ऐसा कह सकते हैं ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था। कम से कम पहले दिन तो उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा।
हालांकि भारत में नागरिकता संशोधन कानून नागरिकता देने के बारे में है न कि नहीं देने या खारिज करने के बारे में। खुद अमेरिका अपने यहां मैक्सिको के लोगों को नागरिकता नहीं देता। कुल मिलाकर मोदी के बहुप्रतीक्षित दाैरे का पहला दिन मोदी सरकार के लिहाज से जबरदस्त, जोरदार और शानदार कहा जा सकता है, देखना ये है कि दौरे का दूसरा दिन कैसा बीतता है।
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