शहर में हर तरफ फैला प्रदूषण, कैसे बचेंगे गरीब रेहड़ी वाले
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सरकार, आपके दफ्तर और आपके बच्चों के स्कूलों की छुट्टियां तो घोषित करवा देती है। लेकिन उन गलियों, उन रैन बसेरों, फुटपाथों और बस्तियों का क्या, जहां ये गरीब बसते हैं। क्या वो, वहां भी कोई इंतजाम करा पाती है। सरकार से निवेदन है मेरा कि वो इन गलियों का भी रुख करें क्योंकि ये जहरीली हवा अमीरों से ज्यादा गरीबों को अपना शिकार बना रही है।
जब अमीरों को परेशानी होती है तो वो सरकार तक पहुंच जाते हैं, मीडिया डिबेट में शामिल हो जाते हैं। गुजारिश है मेरा उन मीडियाकर्मियों से कि अपने कैमरे का फोकस जरा इन अमीरों से हटा, उन गरीबों की ओर मोड़ लें और जरा एक मास्क उन्हें भी पहना दें क्योंकि इन अमीरों से ज्यादा प्रदूषण उन गरीबों को डसता है।
वरना वो दिन दूर नहीं जब सुनने में आएगा कि वो मर गया, इसलिए नही क्योंकि उसके मुंह में निवाला नही था बल्कि इसलिए क्योंकि उसे आपने सांस लेने का भी मोहताज बना दिया था।
एक और बात, जो अमीर सबसे ज्यादा प्रदूषण का शोर मचा रहे हैं, प्रदूषण फैलाने के पीछे वही सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं।
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