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पहले गरीब भूख से मरता था, अब वो प्रदूषण से मरता है

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प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाए युवक - फोटो : अमर उजाला
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गरीबी और गरीबो का प्रदूषण भी जरा देख लो साहब!! 

क्या उस गरीब को मास्क पहने देखा है, जो चौबीसों घंटे इस जहरीली हवा में रहने को मजबूर है। जब आने वाली पीढ़ियां आपसे जबाव मांगेंगी कि आखिर आपने उन्हें इतना प्रदूषण भेंट में क्यों दिया तो क्या जबाव पाएंगे आप। 

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खैर!  आने वाली पीढ़ियों की बात तो हम बाद में करेंगे। पहले उनकी बात कर लेते हैं, जो आपकी वजह से इस प्रदूषण में रहने को मजबूर हैं। गरीबी का प्रदूषण तो वो झेल ही रहे थे, लेकिन अब जानलेवा हवा का प्रदूषण भी उनकी सांसों को कमजोर बनता चला जा रहा है। 

बहरहाल, ये सब आप क्यों सोंचेंगे। आपके घर में तो ताजा भोजन और शुद्ध पानी है। इतना ही नहीं, आप तो घर के बाहर भी पूरे इंतजाम के साथ निकलते हैं। काश! उस गरीब का भी ख्याल कर लिया होता जो चौबीसों घंटे इस जहरीली हवा में रहने को मजबूर हैं, गंदा पानी पीने को मजबूर हैं और कूड़े से निकला बचा हुआ खाना खाने को मजबूर है। 

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शहर में हर तरफ फैला प्रदूषण, कैसे बचेंगे गरीब रेहड़ी वाले - फोटो : अमर उजाला

सरकार, आपके दफ्तर और आपके बच्चों के स्कूलों की छुट्टियां तो घोषित करवा देती है। लेकिन उन गलियों, उन रैन बसेरों, फुटपाथों और बस्तियों का क्या, जहां ये गरीब बसते हैं। क्या वो, वहां भी कोई इंतजाम करा पाती है। सरकार से निवेदन है मेरा कि वो इन गलियों का भी रुख करें क्योंकि ये जहरीली हवा अमीरों से ज्यादा गरीबों को अपना शिकार बना रही है।  

जब अमीरों को परेशानी होती है तो वो सरकार तक पहुंच जाते हैं, मीडिया डिबेट में शामिल हो जाते हैं। गुजारिश  है मेरा उन मीडियाकर्मियों से कि अपने कैमरे का फोकस जरा इन अमीरों से हटा, उन गरीबों की ओर मोड़ लें और जरा एक मास्क उन्हें भी पहना दें क्योंकि इन अमीरों से ज्यादा प्रदूषण उन गरीबों को डसता है। 

वरना वो दिन दूर नहीं जब सुनने में आएगा कि वो मर गया, इसलिए नही क्योंकि उसके मुंह में निवाला नही था बल्कि इसलिए क्योंकि उसे आपने सांस लेने का भी मोहताज बना दिया था।

एक और बात, जो अमीर सबसे ज्यादा प्रदूषण का शोर मचा रहे हैं, प्रदूषण फैलाने के पीछे वही सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं।
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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