क्या है डीपसीक एआई
डीपसीक एक एआई पावर्ड चैटबॉट है। इसके काम करने का तरीका काफी हद तक चैटजीपीटी जैसा ही है। रिपोर्ट के अनुसार इसके काम करने की शक्ति OpenAI के o1 मोडल जैसी है, जिसे पिछले साल के अंत में जारी किया गया था। इसे चैटजीपीटी की तुलना में काफी कम जीपीयू का इस्तेमाल करके ट्रेन किया गया है।
डीपसीक एआई डाटा प्रोसेसिंग करने के लिए चैटजीपीटी की तुलना में बहुत कम जीपीयू का इस्तेमाल करता है। खास बात यह है कि कम जीपीयू का इस्तेमाल करके भी डीपसीक एआई, चैटजीपीटी जैसा ही कार्यकुशल है। यही नहीं कई बेंचमार्क्स पर इसने चीटजीपीटी, गूगल और मेटा के एडवांस एआई मॉडल्स को भी पीछे छोड़ दिया है। डीपसीक के सबसे लेटेस्ट R1 मोडल को केवल 5.6 मिलियन डॉलर के बजट पर ट्रेन किया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस एआई टूल को बनाने में जितनी लागत आई है, वह अमेरिकन एआई मॉडल को बनाने के खर्च की तुलना में कई गुना कम है। एक तरफ जहां यूजर्स को ChatGPT Plus का उपयोग करने के लिए 20 डॉलर खर्च करना पड़ता है, उसकी तुलना में डीपसीक एआई का उपयोग करने के लिए आपको किसी प्रकार के पैसों को खर्च करने की जरूरत नहीं होगी।
यही नहीं डीपसीक ने दुनियाभर में हर किसी के लिए अपना एक ओपनसोर्स भी जारी कर दिया है। अगर आपके पास कोई कंप्यूटर है, जिसमें अच्छा खासा जीपीयू लगा हुआ है, तो डीपसीक को आप अपने ही लैपटॉप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए न तो आपको डीपसीक के चैट सर्वर में जाना होगा और न ही आपको इंटरनेट की जरूरत होगी। इस सर्विस के लिए आपसे कोई शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
खास बात यह है कि चीन ने डीपसीक एआई के अल्गोरिदम को छुपाया नहीं है इसको ओपन सोर्स कर दिया है। इस कारण दुनियाभर में इस एआई टूल का कई तरह के पैरामीटर्स पर परिक्षण किया जा रहा है। कई विशेषज्ञों द्वारा यह कहा जा रहा है कि डीपसीक एआई कई एआई मॉडल्स की तुलना में बेहतर ढंग से काम करता है वो भी बिना ज्यादा महंगे जीपीयू और हार्डवेयर की जरूरत लिए।
DeepSeek सिर्फ एक एआई टूल नहीं बल्कि यह भविष्य की झलक है, जहां शक्ति संतुलन मिसाइलों, एयरक्राफ्ट, बड़े-बड़े टैंकों में नहीं बल्कि अल्गोरिदम में छिपा होगा। अमेरिका और चीन के बीच चल रहा यह तकनीकी शीतयुद्ध अब एक रोमांचक मोड़ पर जाता हुआ दिख रहा है। 1957 में स्पूतनिक 1 के लॉन्च ने अमेरिका को एक होड़ में धकेला था, जिसके नतीजे में इंसान पहली बार चांद पर कदम रख पाया। 2025 में डीपसीक एआई ने अमेरिका के टेक साम्राज्य में हलचल पैदा की है। अब सवाल यह है कि इसका नतीजा क्या निकलेगा?
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