फाइनल में भारतीय टीम को बैटिंग के साथ गेंदबाजी पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
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सिराज ने नौ ओवर में 78 रन देकर एक विकेट ही लिया। रविंद्र जडेजा ने 10 ओवर में 63 दिए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। कुलदीप यादव ने 10 ओवर में 56 रन दिए और उन्हें एक ही विकेट मिला। मैन ऑफ द मैच मोहम्मद शामी सबसे सफल रहे और उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 57 रन देकर 7 विकेट लिए।
वानखेड़े स्टेडियम में भारत को उम्मीद थी कि दोनों स्पिनर कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा चलेंगे, लेकिन दोनों ही विकेटों के लिए तरसते रहे, जो इससे पहले वर्ल्ड कप में नहीं हुआ था। भारतीय गेंदबाजों ने वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल से पहले खेल गए मैचों में ऑस्ट्रेलिया को 199 रन, अफगानिस्तान को 272 रन, पाकिस्तान को 191 रन, बांग्लादेश को 256 रन, न्यूजीलैंड को 273 रन, इंग्लैंड को 129 रन, श्रीलंका को 55 रन, साउथ अफ्रीका को 83 रन और नीदरलैंड को 250 रनों पर समेट दिया था।
अहमदाबाद में फाइनल में भारत को अपनी बैटिंग के साथ बॉलिंग पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा। मोहम्मद शमी के अलावा बाकी गेंदबाजों को भी अपना 100 प्रतिशत परफॉर्मेंस देना होगा। वैसे तो कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन फाइनल में रविचंद्रन अश्विन को भी भारत अंतिम 11 में शामिल कर सकता है।
अहमदाबाद में भारत ने अपना पिछला मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला था और 7 विकेट से जीता था। अहमदाबाद में टॉस जीतकर भारत पहले गेंदबाजी करता है तो उसे एक मनोवैज्ञानिक लाभ जरूर मिलेगा। भारत अपने वर्ल्ड कप के तीसरे टाइटल से मात्र एक जीत पीछे है और 19 नवंबर को होने वाले मैच में निश्चित रूप से भारतीय खिलाड़ी कप लाने में जी-जान लगा देंगे।
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