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सेवा के संकल्प से बदल रहा है देश: तेजी से आगे बढ़ रही डिजिटल भारत की यात्रा, महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

Tue, 13 Oct 2026 10:07 AM IST
ज्योति भास्कर आचार्य पवन त्रिपाठी (कोषाध्यक्ष, श्री सिद्धिविनायक मंदिर, महामंत्री, मुंबई)
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तेजी से आगे बढ़ रही डिजिटल भारत की यात्रा - फोटो : Adobe Stock
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बीते कुछ वर्षों में सभी ने भारत को बदलते हुए देखा है। गांवों से लेकर महानगरों तक, गरीब परिवारों से लेकर मध्यम वर्ग तक और युवाओं से लेकर महिलाओं तक, विकास की चर्चा अब केवल नीतियों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रह गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को केंद्र में रखकर चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' की मूल भावना भी इसी बदलाव को लोगों के बीच ले जाने की है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित इस अभियान में सेवा, जनभागीदारी व सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की कहानियों के माध्यम से देश में हो रहे बदलाव को सामने रखा जा रहा है।

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आज जब हम भारत की विकास यात्रा को देखते हैं, तो सबसे पहले उन योजनाओं और पहलों की याद आती है, जिन्होंने आम नागरिक के जीवन में बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया। जनधन खातों के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना हो, उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की महिलाओं तक रसोई गैस पहुंचाना हो, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण हो या हर घर जल जैसी पहल-इन कार्यक्रमों ने विकास की चर्चा को सीधे परिवारों के दैनिक जीवन से जोड़ा है। वास्तव में विकास का अर्थ केवल बड़े शहरों में बनती ऊंची इमारतें नहीं हैं। विकास तब दिखाई देता है, जब किसी गरीब परिवार के घर में बिजली पहुंचती है, जब किसी महिला को धुएं से राहत मिलती है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं ने इसी व्यापक लक्ष्य के तहत काम किया है।

तेजी से आगे बढ़ रही डिजिटल भारत की यात्रा
इसी के साथ डिजिटल भारत की यात्रा को भी तेजी से आगे बढ़ते देखा जा रहा है। कभी बैंक की शाखा तक पहुंचना ही बड़ी चुनौती होती थी, आज मोबाइल फोन से भुगतान करना सामान्य जीवन का हिस्सा बन चुका है। यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को आम लोगों तक पहुंचाया है। आधार, जनधन और मोबाइल की त्रयी ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की व्यवस्था को विस्तार दिया है। इससे सरकारी सहायता को सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत हुई है। इसके प्रभाव और सीमाओं का आकलन अलग-अलग अध्ययनों से किया जा सकता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों की बदली तस्वीर
लेकिन भारत की प्रगति का एक बड़ा आधार गांवों में है। ग्रामीण सड़कों, आवास, बिजली, इंटरनेट, पेयजल और वित्तीय समावेशन जैसी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। किसानों के लिए सिंचाई, कृषि अवसंरचना, डिजिटल सेवाओं और बाजार तक पहुंच से जुड़े प्रयास भी इसी बदलाव का हिस्सा हैं। आज युवाओं के भारत को भी बदलते हुए देखा जा रहा है। स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी पहलों ने नवाचार, तकनीक और कौशल की चर्चा को व्यापक बनाया है। भारत दुनिया के बड़े स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्रों में शामिल हुआ है।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
महिलाओं की भागीदारी भी भारत के विकास की महत्वपूर्ण कसौटी है। स्वयं सहायता समूहों, मुद्रा ऋण, महिला उद्यमिता, मातृत्व सहायता, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की कोशिश हुई है। 'आंगन का उत्सव' जैसे कार्यक्रमों के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों को भी जनभागीदारी से जोड़ने की योजना बनाई गई है। पोषण, टीकाकरण, मातृ स्वास्थ्य और बाल विकास जैसे विषयों को परिवार और समुदाय के स्तर पर ले जाना आवश्यक है। मुझे लगता है कि किसी भी सरकार की योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन कागज पर लिखे आंकड़ों से आगे जाकर होना चाहिए। इसलिए 'सेवा संकल्प अभियान' में लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों को सामने लाने का विचार महत्वपूर्ण है।

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