COVID-19 वैक्सीन के व्यापक रूप से उपलब्ध होने में कम से कम 12 से 18 महीने लगेंगे।
- फोटो : अमर उजाला
इसी कारण से अनुमान है कि COVID-19 वैक्सीन के व्यापक रूप से उपलब्ध होने में कम से कम 12 से 18 महीने लगेंगे। एक नई दवा को लेकर आशा - 4 अप्रैल की खबर के अनुसार कोरोनावायरस की चिकित्सा के सन्दर्भ में स्वास्थ्य अधिकारी एक नई दवा को लेकर आशान्वित दिखाई दिए।
ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने शोध के आधार पर कहा है कि दुनिया भर में पहले से ही मौजूद एक परजीवी दवा 48 घंटे के भीतर वायरस को मार सकती है। यह दवा, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से सिर की जूंं और खुजली के इलाज करने के लिए किया जाता है, कोरोनोवायरस उपचार के लिए भी कारगर सिद्ध हो सकती है। प्रयोगशाला में यह दवा का वायरस के समापन में कारगर सिद्ध हुई और इसके अच्छे परिणाम रहे।
Ivermectin को सिर की जूंं और खुजली सहित कई स्थितियों के उपचार के लिए दुनिया भर में वर्षों से उपयोग किया जाता है, और यह एक गोली, लोशन और शैम्पू के रूप में उपलब्ध है। अध्ययन में शामिल शोधकर्ताओं के काम की प्रशंसा करते हुए, विक्टोरियन स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से इस पदार्थ का दुरुपयोग न करने का आग्रह किया। क्योंकि इसके स्वयं इस्तेमाल से व्यक्ति की जान भी जा सकती है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अनुरोध किया कि इसे खरीद कर अपनी चिकित्सा स्वयं न करें क्योंकि अभी भी इस पर शोध जारी है।
मोनाश बायोमेडिसिन डिस्कवरी इंस्टीट्यूट और डोहर्टी इंस्टीट्यूट के नेतृत्व में एक सहयोगी अध्ययन में पाया गया कि दवा कोशिकाओं में पनपने वाले कोरोनवायरस को रोकती है। अगला कदम यह निर्धारित करना है कि क्या यह मनुष्यों में कोरोनो वायरस का प्रभावी ढंग से इलाज कर सकता है, और यह भी पता लगाया जाएगा कि एक सुरक्षित खुराक क्या होगी।
वैज्ञानिकों का कहना है -
आइवरमेक्टिन लैब परीक्षणों में बढ़ने वाले वायरस को रोकता है लेकिन शोधकर्ताओं को यह पता लगाने की आवश्यकता है कि क्या यह मनुष्यों में प्रभावी है और यह किस दर पर सुरक्षित है। यह स्पष्ट नहीं है कि कोरोनोवायरस को रोकने के लिए दवा कैसे काम करती है । मानव नैदानिक परीक्षण शुरू होने से पहले इस बात की पुष्टि में महीनें लग सकते हैं।
ज़ाहिर है कि ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक और सरकार कोरोनावायरस की रोकथाम और उपचार के लिए प्रयोग किए जाने वाले वैक्सीन और दवा पर रिसर्च करने में काफी पैसा लगा रही है। आशा यही है कि शीघ्र ही इसका कुछ न कुछ समाधान निकलेगा, लोग पुनः स्वयं को सुरक्षित करेंगे और जान जीवन पुनः सामान्य हो सकेगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।