कैंसर ने मुझे जीवन का नया फलसफा सिखाया है और मुझे अब छोटी- छोटी चीजों में खुशियां नजर आती हैं।
कैंसर ने मुझे जीवन का नया फलसफा सिखाया है और मुझे अब छोटी- छोटी चीजों में खुशियां नजर आती हैं जिनकी तरफ शायद पहले मेरा ध्यान नहीं गया। ये वो बातें हैं जो आमतौर पर हम भागदौड़ भरी जिंदगी में नजर अंदाज कर देते हैं। हम कुछ भी खाते रहते हैं और कभी ये ध्यान नहीं देते कि हमारी सेहत के लिए क्या सही है और क्या गलत?
खुशियों की मेरी परिभाषा भी अब बदल चुकी है। मैं चाहती हूं कि दूसरे लोग भी इस बात को समझें कि हमारी जरूरतें कभी खत्म नहीं होतीं। लेकिन जरूरत और चाहत का फर्क समझना जरूरी है। नंगे पांव घास पर चलने का जो एहसास है, उसकी कीमत कुछ नहीं है पर इसे पैसों में तौलने जाएंगे तो इसे कोई दौलत खरीद नहीं सकती।
जिंदगी इन्हीं छोटे छोटे एहसासों का नाम है। आपकी बोली से किसी को कष्ट न हो, आपकी जरूरतें किसी पर बोझ न बनें और आपकी पसंद किसी के बारे में कोई धारणा न बनाए, यही सब मुझे अब खुशहाल बनाए रखता है।
मैं अब भी खाने की बहुत शौकीन हूं। लेकिन, हां, डॉक्टरों के कहने पर मेरा खान- पान जरूर बदला है।
मैं मानती हूं कि पहले से मेरे भीतर काफी कुछ बदल चुका है। फिर चाहे वो जिंदगी हो या सिनेमा। सिनेमा मेरे लिए एक जुनून रहा है। अब भी मेरे पास तरह- तरह के प्रस्ताव आते हैं लेकिन मैं वही काम करती हूं जिसे मेरा मन करने को कहता है। मुझे शुरू से अच्छे निर्देशकों के साथ काम करना पसंद रहा है।
एक निर्देशक अगर मुझे मेरा किरदार सही से समझा सकता है तो मुझे पता चल जाता है कि परदे पर वह कैसा दिखेगा। ऐसा ही कुछ जीवन के साथ है, यहां आप अपने खुद के निर्देशक होते हैं। आपके विचार और आपकी मनोदशा तय करते हैं कि आप दूसरों को कैसे दिखेंगे।
लोग अक्सर मुझसे ये भी पूछते हैं कि क्या मेरा खान पान बदल गया है। तो मैं कहती हूं कि खान पान को लेकर मेरा नजरिया पहले जैसा ही है। मैं अब भी खाने की बहुत शौकीन हूं। लेकिन, हां, डॉक्टरों के कहने पर मेरा खान- पान जरूर बदला है। मैं शक्कर बिल्कुल छोड़ चुकी हूं। मीठा खाने का मन करता है तो गुड़ या शहद जरूर चुपके से चख लेती हूं वह भी कभी- कभी।
खाने में शुरू से हमें अपने बच्चों को पत्ते वाली सब्जियां खाने की आदत डालनी चाहिए। बीच में तो मैं भी बिल्कुल शाकाहारी हो गई थी, अब कभी कभी मछलियां और अंडे मेरे भोजन का हिस्सा होते हैं लेकिन वह भी बहुत कम। मेरा ये मानना है कि हरी सब्जियों में हर रोग से लड़ने की ताकत होती है और ये आपको भीतर से भी काफी मजबूत बनाने में मदद करती हैं।
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