गांव में ही भंडारण के लिए धान्य लक्ष्मी योजना भी काबिले तारीफ है
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सेहत की चिेता का अगला चरण स्वागत योग्य
लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं और पांच लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त देने की जारी योजनाओं के आगे इस बजट में सरकार ने मेडिकल कॉलेजों से जिले के एक अस्पताल को पीपीपी मोड के तहत जोड़कर भविष्य के लिए अच्छा सोचा है, क्योंकि स्वास्थ्य की योजनाओं में डॉक्टरों की कमी खासकर जिलों और उससे निचले स्तर पर खासी चिंताजनक बनी हुई है।
स्वच्छता और जलशक्ति पर फोकस
खुले में शौच से मुक्ति के आगे सरकार ने अब इसे बरकरार रखने के लिए ओडीएफ प्लस की घोषणा की है, इसका मकसद इसे बनाए रखने की है, लेकिन असल में ओडीएफ यानी खुले में शौच में मुक्ति की जहां जहां घोषणा हो चुकी है, वहां भी यह कई जगह पूरी तरह हुआ नहीं है। इसके लिए 12 हजार 300 करोड़ रुपए का बजट दिया जाएगा। केवल कागज पर अमल हुआ है। इसकी मॉनिटरिंग जरूरी है। जलशक्ति मिशन के लिए भी फोकस किया गया है। पानी के संकट वाले सौ जिलों में ज्यादा ध्यान देने का वादा किया गया है।
राज्य सरकारों को केंद्र के कानून लागू करने पर ही मिलेगा फायदा
बजट में वित्त मंत्री ने किसानों से जुड़ी योजनाओं की घोषणाओं से पहले मानो डिस्क्लेमर ही लगा दिया कि जो राज्य सरकारों बीते तीन चार साल में किसानों के हित में बनाए गए कानून और योजनाएं लागू करेंगी उन्हें इन नई प्रस्तावित योजनाओं का लाभ मिलेगा।
किसानों को अपनी बंजर जमीन में सोलर यूनिट लगाने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में डालकर आय कमाने का मौका और अपनी जमीन पर वेयरहाउस बनाने की योजना में भी आय का मौका रहेगा। गांव में ही भंडारण के लिए धान्य लक्ष्मी योजना भी काबिले तारीफ है। किसानों के उत्पाद के लिए विशेष कोल्ड स्टोरेज ट्रेन और हवाई सेवा भी महत्वपूर्ण कदम माने जाने चाहिए। हर जिले में एक्सपोर्ट हब की भी घोषणा की गई है।
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