नई घोषणाओं की बात है तो महिला सम्मान सेविंग स्कीम की घोषणा की गई है
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श्री अन्न योजना की घोषणा बजट में की गई है। वैसे भी, इस साल प्रधानमंत्री मोदी ने मिलेट्स वर्ष घोषित किया हुआ है। सरकार जौ, बाजरा, रागी, कुट्टू का प्रोडक्शन बढ़ाने की बात कह रही है। इसका लाभ किसानों को मिलेगा। कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ किया गया है। खेती और किसानों को लेकर और भी कई घोषणाएं की गई हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री सम्मान निधि की धनराशि को नहीं बढ़ाया गया है, जैसे उम्मीद लगाई जा रही थी।
ग्रीन एनर्जी पर जोर
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने ग्रीन एनर्जी पर जोर दिया है और ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम को पर्यावरण सुरक्षा कानून के तहत लाने की बात कही है। प्रदूषण फैलाने वाली पुरानी गाड़ियों की रिप्लेसिंग को महत्वपूर्ण काम माना है और कहा है कि यह सतत ऊर्जा की राह में बड़ा कदम है।
केंद्र सरकार पुरानी गाड़ी और एंबुलेंस को नष्ट करने में मदद करेगी और इसके लिए राज्य सरकारों को भी मदद दी जाएगी। इसे अच्छा कदम कहा जा सकता है, क्योंकि प्रदूषण को लेकर देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब होती है और जनता स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी जूझती है।
ये भी हैं कुछ घोषणाएं
जहां तक नई घोषणाओं की बात है तो महिला सम्मान सेविंग स्कीम की घोषणा की गई है, जिसमें बेटी महिला के नाम पर 2 लाख की बचत पर 2 साल तक 7.5 प्रतिशत का ब्याज तय किया गया है। हालांकि, बचत को बढ़ावा जरूर मिलेगा, लेकिन यह उम्मीद से कम है। शिक्षा के क्षेत्र में 2 नई स्कीम्स की घोषणा की गई है।
क्षेत्रीय भाषाओं के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और एकलव्य स्कूल बनेंगे। इसके लिए 38,000 टीचर्स की भर्ती होगी। एक घंटा 27 मिनट लंबे बजट भाषण में वित्त मंत्री ने एमएसएमई, बैंकिंग, रोजगारों, डिजिटल इंडिया, जल जीवन मिशन, युवाओं आदि को लेकर भी बहुत कुछ कहा है, लेकिन अधिकांश में पिछले बजट का एक्सटेंशन ही है।
पेट्रो पदार्थों कीमतों में बदलाव की उम्मीद पाले मध्य वर्ग को थोड़ी निराशा हुई है। उम्मीद थी कि गैस सिलेंडर और पेट्रोल की कीमतों में कुछ राहत सीतारमण देंगी। प्रधानमंत्री की ड्रीम योजना आयुष्मान भारत पर कोई नई घोषणा नहीं की गई है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यह बजट एक बैलेंस बजट है, जिसमें न तो जोखिम है और न ही कोई उत्साह है, सिर्फ काम चलता रहे, यही सरकार की कोशिश है।
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