पेले की मुद्राएं और अंदाज लाजवाब
सत्रह साल की उम्र में पेले वर्ल्ड कप जीतते हैं और इसके बावजूद उनमें जो विनम्रता और शर्मीलापन है, वह इसके पहले शायद कभी नहीं देखा गया। उन्होंने शानदार गोल किए और गोल करने के बाद उनकी मुद्राएं देखिए, उनका अंदाज देखिए। वह सब इस खेल की तरह सुंदर है, गरिमामय है, किसी बैले नृत्य की तरह।
आज देखिए। कई खिलाड़ी यह जताते हुए खेलते हैं कि वे कितना बेहतरीन खेलते हैं। कई खिलाड़ी इसलिए खेलते हैं कि विरोधी टीम को ध्वस्त करना है। कई खिलाड़ी अहंकार और कुछ खिलाड़ी प्रतिशोध लेने की तरह खेलते हैं। उनमें एक तरह की हिंसक आक्रामकता होती है।
यदि आपने क़तर फीफा वर्ल्ड कप के कुछ रोमांचक मैच देखे हों तो यह बात समझ सकते हैं कि गोल करने के बाद कई स्टार खिलाड़ी इस तरह उछलते हैं कि उसमें उनका सिर्फ अहंकार ही दिखाई देता है, दूसरों को ध्वस्त कर देने का प्रतिशोध ही दिखाई देता है। रोनाल्डो बेहतरीन हैं, एम्बापे बेहतरीन हैं, सुंदर खेलते हैं, इनकी तेजी हतप्रभ कर देती है, कौशल चमत्कृत करता है लेकिन कितना अहंकार।
कई बार फुटबॉल की सुंदरता और गरिमा पर खरोंच पैदा करता है ये अंहकार। इसके बरक्स पेले का सुंदर खेल देखिए, उनकी गति और लय देखिए, उनका छंद देखिए। उनकी गरिमा और विनम्रता देखिए। यही सब खेल को सुंदर बनाता है, खेलों की दुनिया को सुंदर बनाता है, गरिमा और भव्यता देता है।
एक सदी का अंत
एक तारीख थी 29 जून 1958, ऐतिहासिक तारीख। एक तारीख और याद रखिए 29 दिसंबर 2022। इसी दिन इस सुंदर खेल की दुनिया का जादूगर सफेद चादर में छिप गया है। शायद आपने पेले के जीवन के वे अंतिम पल देखे हों, जब वे अपने परिवार के साथ हैं, बेटी के साथ हैं, बिस्तर पर सफेद चादरों से लिपटे हैं, उन्हें ऑक्सीजन दी जा रही है।
यह देखना कितना त्रासद है कि पीली जर्सी और नीली नेकर में हरे घास के मैदान पर एक मौलिक और अपूर्व छंद रचता हुआ अपनी लय-गतियों से खेल का आनंद लेता खिलाड़ी सफेद चादरों में हमेशा हमेशा के लिए छिप गया है।
एक पवित्र, अलौकिक और उजला जीवन जीकर, यह बताता हुआ कि फुटबॉल से सुंदर कोई दूसरा खेल नही। जैसे कहता हो- मेरी महत्वाकांक्षा एक सुंदर खेल खेलने की है, मैं नृत्य करना चाहता हूं…
हमारी स्मृति में सिर्फ हरी घास के मैदान पर एक पीला नाचता हुआ खरगोश हमेशा के लिए ज़िंदा रह जाएगा।
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