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आपके हाथ में जो किताब है, एआई ने तो नहीं लिखी: गैर-एआई लेखक भी अब साबित करें कि उनकी रचनाएं मानवीय हैं

Sat, 18 Apr 2026 07:47 AM IST
Shubham Kumar एलेक्जेंड्रा ऑल्टर

सार

जो लेखक एआई का उपयोग नहीं करते, उन पर अब यह साबित करने का दबाव बढ़ गया है कि उनकी रचनाएं मानवीय हैं।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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पिछले पतझड़ में, मेक्सिको के ग्वाडालाजारा में रहने वाले इंजीनियरिंग सलाहकार एंटोनियो ब्रिसियो ने अपने पहले उपन्यास का प्रारूप पूरा किया। यह एक विज्ञान-कल्पना आधारित रोमांचक कहानी थी, जिसमें एक साजिश का खुलासा किया गया था। ब्रिसियो ने उपन्यास को प्रकाशित कराने के लिए बीस साहित्यिक एजेंटों से संपर्क किया, पर हर बार उन्हें अस्वीकृति ही मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपने उपन्यास को बेहतर बनाने में जुटे रहे। उन्हें उम्मीद थी कि एक दिन कोई प्रकाशक उनके काम को स्वीकार करेगा। पर अब, उनकी चिंता और बढ़ गई है।

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उनका डर यह है कि एजेंट और प्रकाशक अब नए और अनजान लेखकों पर भरोसा करने से हिचकिचा सकते हैं, क्योंकि उन्हें यह शक हो सकता है कि कहीं लेखक ने किताब लिखने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा न लिया हो। उनका यह डर पिछले महीने और भी गहरा हो गया, जब एक बड़े प्रकाशक ने अमेरिका में मिया बैलार्ड के हॉरर उपन्यास शाय गर्ल  की रिलीज रद्द कर दी। जांच में संकेत मिले थे कि उपन्यास के कुछ हिस्से एआई की मदद से लिखे गए थे। जब ब्रिसियो ने यह खबर देखी, तो वह भीतर तक हिल गए। उन्होंने बताया कि वह लिखने के लिए एआई का इस्तेमाल नहीं करते। इसके बावजूद, उनके मन में एक बड़ा सवाल पैदा हुआ कि अगर किसी एआई जांच प्रणाली ने उनके काम की जांच की, तो क्या नतीजा निकलेगा?

इसी चिंता के चलते उन्होंने एक एआई से जुड़ी जांच सेवा प्रदान करने वाली वेबसाइट की सदस्यता ली और किताब का एक अध्याय उसमें अपलोड किया। परिणाम चौंकाने वाला था। जांच प्रणाली ने पूरी तरह यह दावा किया कि उनके लेखन में एआई का उपयोग किया गया है। फिर, ब्रिसियो ने उन वाक्यों को तलाशा, जिनकी वजह से यह समस्या आ रही थी। उन्होंने कुछ वाक्य हटा दिए और फिर से जांच कराई। इस बार जांच ने प्रमाणित किया कि लेखन किसी इन्सान का ही है।
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इस पूरी खींचतान ने ब्रिसियो की चिंता और बढ़ा दी। जांच रिपोर्ट यह दिखाती है कि केवल कुछ वाक्य जोड़ने या हटाने से ही परिणाम पूरी तरह बदल जाते थे। जैसे-जैसे प्रकाशन जगत अपने काम के लगभग हर हिस्से में एआई के बढ़ते असर से जूझ रहा है, यह स्पष्ट नहीं है कि लेखक इस तकनीक का उपयोग कैसे करें। यह भी तय नहीं है कि प्रकाशक इसे नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाएं। पर, एक बात पर कई लोग सहमत हैं कि मौजूदा स्थिति संतोषजनक नहीं है। शाय गर्ल से जुड़ा विवाद किताब जगत के लिए एक अहम मोड़ बन सकता है। इसके रद्द होने के बाद, कई पाठकों व लेखकों ने सवाल उठाया कि एक बड़ी प्रकाशन कंपनी ऐसे संकेतों को पहचानने में कैसे चूक गई?

वास्तव में, अधिकांश बड़े प्रकाशन संस्थानों के पास लेखकों द्वारा एआई के उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं हैं। वे भरोसे और इस उम्मीद पर निर्भर रहते हैं कि लेखक पारदर्शिता बनाए रखेंगे। पर, जैसे-जैसे एआई लेखन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में अपनी जगह बना रहा है, यह तय करना कठिन होता जा रहा है कि इसका कौन-सा उपयोग उचित है और कौन-सा सीमा से बाहर। यह चिंता भी बढ़ती जा रही है कि एआई से तैयार सामग्री संपादकों की नजर से बच सकती है।

हर साल प्रकाशित होने वाली किताबों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनमें एआई से तैयार सामग्री भी शामिल है। ऐसे में, अपने पाठकों तक पहुंचना लेखकों के लिए बेहद कठिन होता जा रहा है। साथ ही, जो लेखक एआई का उपयोग नहीं करते, उन पर अब यह साबित करने का दबाव बढ़ गया है कि उनकी रचनाएं वास्तव में मानवीय हैं। इसे साबित करने के लिए उनके पास कोई ठोस तरीका भी नहीं है। हालांकि, कुछ लेखक अपनी किताबों और अपनी वेबसाइटों पर ‘मनुष्य द्वारा रचित’ जैसे चिह्न लगाने लगे हैं। इससे पता चलता है कि उन्होंने अपनी रचनाएं बिना किसी एआई की मदद से लिखी हैं। इस चिह्न के दुरुपयोग पर लेखकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

युवा पाठकों के लिए कथा साहित्य लिखने वाली लेखिका लॉरा टेलर नेमी ने कहा, ‘जब पाठक किसी किताब पर अपने पैसे खर्च करता है, तो वह चाहता है कि किताब लेखक के दिमाग और दिल से निकली हो, न कि किसी ऐसी मशीन से, जिसने लेखक की सोच को ही उधार लिया हो।’ जैसे-जैसे यह तकनीक और उन्नत होती जाएगी, वैसे-वैसे लेखन के वे खास संकेत, जिनसे उसकी पहचान की जा सके, धीरे-धीरे पूरी तरह गायब हो सकते हैं।

अमेजन बायो डिस्कवरी
यह अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) द्वारा लॉन्च किया गया एक बेहद खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्लेटफॉर्म है। इसका मुख्य उद्देश्य दवाओं की खोज की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाना है। यह प्लेटफॉर्म वैज्ञानिकों को बिना किसी जटिल कोडिंग के 40 से अधिक विशिष्ट एआई बायोलॉजी मॉडल्स तक पहुंच प्रदान करता है। इसकी सहायता से शोधकर्ता संभावित दवा अणुओं का निर्माण और मूल्यांकन डिजिटल रूप से कर सकते हैं। इसके बाद, शॉर्टलिस्ट किए गए विकल्पों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजा जा सकता है।

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