ऋषि कपूर नहीं रहे. उदासी से भरे दिनों में एक और मायूसी. निराशा का एक और टुकड़ा. मौत की खबरों से डूबी सुबहों में सितारों के टूटने की आवाजें. आवाज जो धीरे-धीरे मद्धम पड़ती चली जाएगी और एक दिन कभी नहीं सुनाई पड़ेगी. चेहरे जो सदा के लिए स्मृति बन जाएंगे.
मरघट से फैले सन्नाटे में चमकते दौर की एक और सबसे गमगीन, अकेली विदाई. एक झलक के लिए तरसती आंखे. खाली कैमरे. ना खामोशी ना आंसू..!
रुखसत ऐसे भी कोई होता है
छोड़कर ऐसे भी कोई जाता है..!
ऋषि कपूर यानी मोहब्बत में डूबी कव्वालियां. ऋषि कपूर का मतलब याराना, दिलदारी और साफगोई. महफिल का सबसे जगमगाता कोना. एक खूबसूरत चेहरे पर तैरता इश्क. होठों पर बुदबुदाता प्यार. कसमें-वादे. दीवानगी से भरी आवारगी. बदलते मौसमों की खुमारी या की फूलों से महकता एक आशिक.
एक अल्हड़ सा नीली आंखों वाला लड़का चिंटू जिसके प्यार में डूबी रहीं कई लड़कियां..!
एक प्रेम रोगी
प्यार से लहराता एक सागर
एक रोमांस में डूबा शायर जिसके नगमें हर जवां दिलों में धड़कते रहेंगे..!
ऋषि कपूर
टीवी का एक दौर. फिल्मों में पीढ़ियों से गुजरकर दिलों तक पहुंचता एक चेहरा. पोस्टर से उतरकर हर दिल के कोने में जाना-पहचाना एक किरदार. सफर के गानें और सीडी पर बनी एक तस्वीर जिसके हिस्से हैं प्यार के गाने जिंदगी से भरे मोहब्बत के गीत.
किसे याद करें और किसे भूलें..
जान-ए-वफ़ा, सच है किस को पता
फिर मिले ना मिले, ये पल ये समा, बाहों में आ जा..!
उदासी से भरे दिनों में
एक और मायूस, अकेली विदाई..!
विदा ऋषि कपूर-
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