विराट कोहली ने न्यूजीलैंड दौरे पर कहा था कि इस साल वन-डे क्रिकेट बहुत ज्यादा अहम नहीं है लेकिन इतने निराशाजनक दौरे के बाद उन्हें एक हफ्ते तक का भी आराम नहीं दिया गया और लगभग एक अप्रासंगिक सी दिखने वाली सीरीज में उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी देकर मैदान में उतार दिया गया। लेकिन, क्रिकेट के लिए अभी संकट की सिर्फ शुरुआत हुई है। इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने अपना श्रीलंका दौरा बीच में ही अधूरा छोड़ दिया है।
न्यूजीलैंड की टीम खाली स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेल रही है। मुमकिन है अगले कुछ दिनों के भीतर वो सीरीज भी रद्द हो जाए। इंग्लैंड तो तीन महीने बाद जून में होने वाली वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज को भी रद्द करने के बारें में सोचने लगा है। क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था आईसीसी ने अपनी अहम बैटक भी रद्द कर दी है और अब टेलीकॉन्फ्रेंस के जरिए बात बढेगी।
भारतीय क्रिकेट के लिए आने वाले हफ्ते काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। स्टार स्पोर्ट्स ने बीसीसीआई से टेलिविजन राइट्स ने सभी को भौच्चका करते हुए उस कीमत पर खरीदे हैं जिसके बारे में कई जानकार ये कह चुके थें कि इसमें घाटे के अलावा कुछ नहीं हैं। इस साल स्टार को नुकसान होना लगभग तय दिख रहा है और अगर ये नुकसान रहा तो इसकी भरपाई अगले तीन सालों में मुश्किल है। इसका असर बीसीसीआई की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।
आईपीएल के बाद भारतीय टीम को जिम्बॉबवे और श्रीलंका के दौरे पर जाना था जो अब खटाई में पड़ सकता है। कौन जाने इसका असर सितंबर में होने वाले एशिया कप और उसके बाद टी-20 वर्ल्ड कप पर भी ना पड़ें। पूरी दुनिया में फिलहाल अनिश्चितता और ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है क्रिकेट भला इससे कैसे अछूता रह सकता है। पहले और दूसरे विश्व युद्ध के बाद शायद ये पहला ऐसा मौका है जहां क्रिकेट कई हफ्ते या महीने के लिए खिलाड़ियों और फैंस से दूर हो सकता है। क्रिकेट को लंबे समय से एक ब्रेक की जरूरत थी लेकिन ब्रेक इस रुप में आएगा, इसकी कल्पना तो शायद ही किसी ने की होगी।
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