भाई-भाई, भाई-बहन अथवा बहन-बहन में प्रतिद्वंद्विता होना कोई नई बात नहीं है। ‘सिबलिंग राइवलरी’ पर मनोविज्ञान में काफी शोध-सामग्री उपलब्ध है। इसी आधार पर 2001 में इआन मैकइवान का उपन्यास ‘अटोनमेंट’ आया। इस प्रतिद्वंद्विता का दोनों ओर होना जरूरी नहीं है। कई बार यह एकतरफा होता है। बहनों में ईर्ष्या होना स्वाभाविक है। ईर्ष्या केवल एक के मन में हो सकती है।
इआन मैकइवान ‘अटोनमेंट’ में द्वितीय विश्वयुद्ध के काल में एक इंग्लिश परिवार की कहानी कहते हैं। निर्देशक जो राइट ने 2007 में इस पर फिल्म भी बनाई। फिल्म में अभिनय, कहानी और कैमरावर्क सब उत्तमकोटि का है। फिल्म वर्तमान-अतीत में आती-जाती ब्रिओनी सिसिलिया -रोबी के जीवन के विभिन्न मोड़ों को दिखाती है। सीमस मैगार्वे के सिनेमेटोग्राफी का कमाल, सटीक सेट डिजाइनिंग का श्रेय सराह ग्रीनवुड को जाता है।
अटोनमेंट की कहानी
झूठ बोलने और उस झूठ से नष्ट हुए कई जीवन, झूठ का परिमार्जन करने के प्रयास में लगे व्यक्ति की कहानी है, ‘अटोनमेंट’। छोटी बहन ब्रिओनी सदा कल्पना जगत में जीती है। उसके भीतर नाटक सृजन की बेचैनी है। उसे हर नाटक अपने ढंग से चाहिए होता है। बड़ी बहन सिसिलिया (कैरा नाइटली) और रोबी टर्नर बचपन के दोस्त हैं। रोबी उनकी नौकरानी का प्रतिभाशाली युवा बेटा है जिसकी पढ़ाई इन बहनों के पिता द्वारा करवाई जा रही है।
एक बार अपमानित और चिढ़ी हुई छोटी ब्रिओनी अपनी खिड़की से अपनी बहन सिसिलिया और उसके दोस्त रोबी के बीच कुछ तनाव देखती है। छोटी बच्ची को लगता है कि वह सब समझती है और वह इसे लड़के का गलत व्यवहार समझती है। फिल्म कई नजरों से दिखाई गई है। दर्शक कुछ देर बाद देखता है, और जानता है कि ब्रिओनी ने जाने-अनजाने में ऐसा क्यों किया। क्यों उसने माता-पिता और पुलिस के सामने कहा कि रोबी ‘सेक्स मैनियाक’ है। वह दावा करती है कि उसने अपनी आंखों से रोबी को लोला का रेप करते देखा है। बाद में इसी सीन को दर्शक दोबारा दूसरे रंग में देखता है।
दर्शक देखता है कि बचपन से वह रोबी के प्रति आकर्षित थी। रोबी उसे केवल एक बच्ची समझता है, उसके व्यवहार को अनदेखा करता है। तैरना सिखाने के नाम पर वह रोबी के करीब आना चाहती है, रोबी उसे झटक देता है। ब्रिओनी को यह अपना अपमान लगा। आज जब उसने सिसिलिया और रोबी को दूर फव्वारे के निकट देखा और सिसिलिया पानी में कूदी तो ब्रिओनी को लगा कि रोबी उसकी बहन के साथ कुछ गलत कर रहा है। जबकि उस दिन रोबी और सिसिलिया ने पहली बार अपने प्रेम का इजहार किया था।
डिनर के लिए जाने से पहले रोबी ब्रिओनी को एक पत्र सिसिलिया को देने के लिए देता है। दिनभर की घटनाओं से उलझी और आहत ब्रिओनी पत्र पढ़ती है। रोबी ने अनजाने में गलत पत्र दे दिया था। पत्र पढ़कर वह घृणा और जलन से भर कर लोला से कहती है कि रोबी बहुत खतरनाक है। दोनों सोचती हैं कि रोबी को पुलिस को सौंप देना चाहिए। वह सिसिलिया को पत्र दे देती है, सिसिलिया को पता चल जाता है कि ब्रिओनी ने पत्र पढ़ा है।
इसी बीच सिसिलिया और रोबी लाइब्रेरी में मिलते हैं। ब्रिओनी के घाव पर नमक लग जाता है जब वह परदे के पीछे से इनका मिलन देख लेती है। ईर्ष्या, क्रोध से वह और भ्रमित हो जाती है। रोबी की चरित्रहीनता के प्रति उसका विश्वास और पक्का हो जाता है। भविष्य की इस लेखिका की कल्पनाशक्ति का कमाल है वह जीवन भर कहानियां गढ़ती है। इस घटना के बाद वह सदा लिखती है। लिखती है, अपने अपराधबोध से छुटकारा पाने के लिए, प्रायश्चित के लिए।
बचपन में वह बड़े विश्वास के साथ कहती है, ‘मैंने अपनी आंखों से देखा है।’ वह रोबी का पत्र अपनी मां और पुलिस को दिखाती है। इसके बाद किसी को कोई शक नहीं रहता है। विश्वास नहीं होता है तो केवल सिसिलिया और रोबी की मां को। इससे क्या होता है? जो नुकसान होना था वह हो चुका है। रोबी को पुलिस पकड़ ले जाती है। रोबी-सिसिलिया के साथ खुद ब्रिओनी का जीवन सदा के लिए नष्ट हो जाता है।