केएल राहुल ने चार मैचों में सिर्फ 70 रन ही बनाए
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केएल राहुल नहीं कर पाए कमाल
उप कप्तान केएल राहुल पूरे टूर्नामेंट में असफल साबित हुए। बतौर ओपनर वो कोई कमाल नहीं दिखा सके। चार मैचों में राहुल ने 70 रन ही बनाए। श्रीलंका के खिलाफ रोहित ने जरूर हॉफ सेंचुरी लगाई, लेकिन बाकी मैचों में उनका प्रदर्शन बेहद निम्नस्तरीय रहा। विराट कोहली दो मैचों को छोड़कर सुपर फ्लॉप साबित हुए। सूर्यकुमार यादव ने भी साधारण प्रदर्शन किया। हार्दिक पांड्या पाकिस्तान के खिलाफ जीत दिलाकर हीरो बन गए थे, पर बाकी मैचों में वो कामयाब नहीं रहे।
खासकर गेंदबाजी में उनकी जबरदस्त पिटाई हुई। तीन मैचों में हार्दिक ने गेंदबाजी की और 12 ओवर फेंककर 104 रन दे डाले। ऋषभ पंत के आगे मौका था, जो उन्होंने गंवा दिया। खासकर श्रीलंका के खिलाफ अंतिम ओवर में वो मौका चूक गए। सोशल मीडिया पर जमकर पंत को ट्रोल किया जा रहा है कि महेंद्र सिंह धोनी से सीखो। यजुवेंद्र चहल को भरपूर मौका मिला, पर लगता है, अब उनकी गेंदों में चौंकाने वाले तत्व समाप्त हो गए हैं।
एशिया कप से सीख जरूरी
टी-20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया के लिए एशिया कप के सबक जरूरी हैं। आईपीएल ने खिलाड़ियों की एक पूरी फौज तैयार करा दी है। कई युवा खिलाड़ी हैं, जिनका प्रदर्शन आईपीएल में शानदार रहा है।
ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, नितिश राणा, देवदत्त पडिक्कल, यशस्वी जयसवाल, प्रसिद्ध कृष्ण, खलील अहमद जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाना चाहिए। चूंकि, अब समय बेहद कम है। इसलिए बीसीसीआई को टी-20 वर्ल्ड कप के लिए गंभीरता से खिलाड़ियों का चयन करना होगा। कुछ साहसिक फैसले लेने की जरूरत है।
खासकर सीनियर खिलाड़ियों को लेकर। रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली, भुवनेश्वर कुमार, यजुवेंद्र चहल जैसे वरिष्ठों को लेकर पुनर्विचार करना होगा। केवल पूर्व के प्रदर्शन के आधार पर लंबे समय तक खिलाड़ियों को मौका देते रहने का लॉजिक सही नहीं है। विशेषकर टी-20 वर्ल्ड कप में युवाओं पर भरोसा जताने की आवश्यकता है। वरना घर में कागजी शेरों वाली हमारी टीम का दुबई जैसा हाल होने वाला है।
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