रोम को देखना केवल कोलोसियम, रोमन फोरम और ऐतिहासिक इमारतों तक पहुंचना नहीं है। शहर के बाहरी हिस्से में स्थित पार्को देगली एक्वेडॉटी ऐसा ठिकाना है, जहां इतिहास खुले आसमान के नीचे जीवंत दिखाई देता है। कभी कलाकारों की कल्पनाओं को आकर्षित करने वाली रोमन ग्रामीण धरती के बीच फैला यह पार्क प्राचीन जल सेतु के भव्य अवशेषों को संजोए हुए है।
प्राचीन रोम में इस जल सेतु के जरिये पूर्वी लाजियो के पहाड़ी इलाकों से पानी शहर तक पहुंचाया जाता था। मैदानों में पहुंचने के बाद पानी ऊंचे मेहराबों पर बने जलमार्गों से आगे बढ़ता था। इनमें आक्वा क्लाउडिया प्रमुख है। सम्राट कैलीगुला के शासनकाल में शुरू और सम्राट क्लॉडियस के दौर में पूरा हुआ यह जल सेतु अपनी विशाल संरचना के लिए प्रसिद्ध है। इसके स्रोत रोम से लगभग 70 किलोमीटर दूर थे। यह जल सेतु प्राचीन शहर की पानी की जरूरतें पूरी करने वाली महत्वपूर्ण व्यवस्था का हिस्सा था। पार्क में आक्वा मार्सिया के अवशेष भी हैं।
हजारों साल पहले निर्मित इस जल सेतु के कुछ हिस्सों का बाद में 16वीं सदी में पोप सिक्स्टस पंचम की जलापूर्ति परियोजना, आक्वा फेलिक्स में इस्तेमाल किया गया। यहां की विरासत जल सेतुओं तक सीमित नहीं है। प्राचीन रोमन सड़क विया लातिना, पुराने विला के अवशेष, 12वीं सदी की जलधारा और 13वीं सदी का किलेबंद फार्महाउस कासाले दी टोरेवेच्चिया भी अतीत की झलक दिखाते हैं। हरी घास, खुला आसमान और दूर तक फैले पत्थर के मेहराब इस पार्क को अनूठा बनाते हैं। यहां इतिहास किसी संग्रहालय में बंद नहीं, बल्कि प्रकृति के बीच सांस लेता महसूस होता है। पार्को देगली एक्वेडॉटी रोम की उस विरासत से परिचय कराता है, जिसने सदियों पहले भी शहर के जीवन को पानी और वास्तुकला के सहारे आकार दिया था।