थाने में दर्ज केस की जांच की स्थिति जानने के लिए अब पीड़ित को जांच अधिकारी या चौकी थाने के चक्कर नहीं लगाने होंगे। हर महीने के आखिरी शनिवार और रविवार को सुबह 9 से 11 बजे के बीच शिकायतकर्ता अपने केस की स्टेटस रिपोर्ट जान सकेगा।
पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी ने सभी थाने, चौकियों को यह आदेश जारी किए हैं। पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, पुलिस की जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डीजीपी केपी सिंह ने यह निर्णय लिया है।
मई माह से इसे लागू करने के निर्देश सीपी हनीफ कुरैशी ने जारी किए हैं। मालूम हो कि जिले में महिला थाना सहित 19 थाने और 38 चौकियां है। इनमें से अधिकतर रिपोर्टिंग चौकी हैं। पीड़ित या तो थाने, चौकी में शिकायत देता है या फिर आला अधिकारियों के कार्यालय में। शिकायत पर केस दर्ज कर जांच अधिकारी नियुक्त किया जाता है।
सूत्रों के मुताबिक, बहुत सी जांच पेंडिंग पड़ी होने या फिर आगे नहीं बढ़ने की शिकायत डीजीपी कार्यालय को लगातार मिल रही थीं। पुलिस ने केस में क्या कार्रवाई की जैसे आरोपी की गिरफ्तारी, बरामदगी या कोर्ट में चालान दाखिल किया, इन सबकी जानकारी शिकायतकर्ता को नहीं हो पाती।
जानकारी न होने पर पीड़ित को लगता है कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। अब स्टेटस रिपोर्ट जानने का अधिकार मिलने से जहां पीड़ित को सही जानकारी होगी। वहीं जांच अधिकारी पर जांच को जल्द और ठीक से कम करने का दबाव रहेगा।
पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी ने बताया कि हर माह के अंतिम शनिवार व रविवार को सुबह 9 से 11 बजे तक हर एक थाने में शिकायत व केस स्टेटस रिपोर्ट लोगों को बताई जाएगी। स्टेटस बताने के लिए थाने में थाना इंचार्ज के साथ जांच अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।