नवजात शिशु अब डायरिया से दम नहीं तोड़ेंगे। इसके लिए हरियाणा में रोटा वायरस वैक्सीन शुरू की जा रही है। वैक्सीन की प्रथम एक महीने की सप्लाई स्वास्थ्य विभाग के जिला मुख्यालयों पर पहुंच गई है। वैक्सीन भेजने के लिए प्रदेश को चार जोन हिसार, कुरुक्षेत्र, रोहतक और में बांटा गया है।
एक माह में लगने वाले 22873 सेशन के लिए कुल एक लाख डोज भेजी गई हैं। इस मिशन को कब शुरू किया जाना है, इसकी अभी फाइनल तारीख तय नहीं हुई है। पहले यह वैक्सीन फरवरी माह में शुरू की जानी थी। तारीख फाइनल होते ही रोटा वायरस वैक्सीन को जिला मुख्यालय से सभी सेंटरों पर भेजा जाएगा।
शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए रोटा वायरस वैक्सीन शुरू की जा रही है। क्योंकि डायरिया (दस्त) के कारण काफी बच्चे दम तोड़ जाते हैं। यह वैक्सीन शिशु के पेट में जाकर कीटाणुओं को नष्ट कर देगी। शिशुओं को यह डोज जन्म के डेढ़ माह, दूसरा डोज ढाई माह और तीसरा डोज साढ़े तीन माह पर दिया जाएगा।
यह डोज उन शिशुओं को दिया जाएगा, जिन्होंने पेंटा की पहली डोज ली है। डोज के रूप मे शिशुओं को रोटावायरस वैक्सीन की पांच बूंदें पिलाई जाएंगी। इसके लिए बकायदा एएनएम, आंगनबाड़ी वर्कर, कोल्ड स्टोर कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है। दवा मंहगी होने के कारण इसे सभी जिला मुख्यालयों पर अभी एक माह के लिए ही भेजा गया है।
एक माह में लगने वाले सेशन के लिए रोटावायरस वैक्सीन की डोज पहुंच गई है। नवजात शिशुओं को डोज देने के लिए एएनएम, आशावर्कर को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। तारीख फाइनल होते ही रोटावायरस वैक्सीन का मिशन शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. सुजाता बंसल, डिप्टी सिविल सर्जन फतेहाबाद