आज से शुरू हो रहे खेलों के महाकुंभ ओलंपिक में भारतीय दल की अगुवाई ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा करेंगे। भारत की ओर से इस बार 119 सदस्यीय दल ओलंपिक में अलग-अलग खेल इवेंट में हिस्सा लेगा। इनमें चार खिलाड़ी उत्तराखंड से हैं। इनमें नीतेंद्र रावत, मनीष सिंह, गुरुमीत सिंह और हॉकी टीम में बतौर फारवर्ड वंदना कटारिया शामिल हैं।
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में भी ओलंपिक को लेकर अलग की क्रेज है। कॉलेज के प्रिंसिपल राजेश ममगाईं का कहना है कि जब कोई खिलाड़ी देश के ओलंपिक में खेलता है तो यह उसके लिए गौरव और सम्मान की बात होती है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि पिछले ओलंपिक से इस बार ज्यादा मेडल आएंगे।
मनीष के कोच रहे अनूप बिष्ट का कहना है कि इस बार हमारे खिलाड़ियों की तैयारियां पहले से कहीं बेहतर है। उत्तराखंड के चार खिलाड़ी भी ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनीष और नीतेंद्र की टाइमिंग भी काफी कुछ पदक के आसपास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दोनों खिलाड़ी भारत के लिए पदक जीत सकते हैं।
खिलाड़ियों ने भेजी शुभकामनाएं
ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके चंदन सिंह का कहना है कि हालांकि मुझे ओलंपिक जाने वाली अंतिम टीम में जगह नहीं मिली, लेकिन उत्तराखंड के चारों खिलाड़ी ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन कर भारत को पदक दिलाएंगे। वहीं हॉकी कोच पंकज रावत और खिलाड़ियों ने एक सुर में भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीम को शुभकामनाएं दी हैं।
ओलंपियन राजेंद्र रावत ने उम्मीद जताई कि भारतीय पुरुष टीम एक बार फिर ओलंपिक में हॉकी का स्वर्णिम दौर वापस लाएगी। उन्होंने 36 साल बाद ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी महिला टीम से भी पदक की उम्मीद जताई।
इवेंट जिसमें उत्तराखंड का दिखेगा जलवा
12 अगस्त को 20 किमी पैदल चाल में उत्तराखंड के गुरमीत और मनीष करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
19 अगस्त को मैराथन में उत्तराखंड के नितेंद्र रावत से होगी पदक की उम्मीद
7 अगस्त से महिला हॉकी टीम में उत्तराखंड की वंदना कटारिया करेंगी अभियान की शुरुआत