दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा थाना क्षेत्र में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। ये युवक अपने बैंक खातों को किराए पर देकर साइबर ठगी के अवैध लेन-देन में मदद करते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुआकोंडा पुलिस ने बैंक खाता किराए पर देने वाले दो म्यूल खाता धारकों को पकड़ा है। जांच में उनके बैंक खातों में 5 लाख 29 हजार 898 रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ। साइबर अपराधी ठगी के पैसे को एक खाते से दूसरे खाते में भेजने के लिए ऐसे खातों का उपयोग करते हैं।
खाताधारकों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड किराए पर लिए जाते थे। इन्हीं खातों के माध्यम से ठगी के पैसे का लेन-देन और निकासी होती थी।
पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चल रहा है। जांच, बैंकिंग रिकॉर्ड और समन्वय पोर्टल से दो युवकों की संलिप्तता सामने आई। दीपेश कुंजाम और चेतन कुंजाम अन्य व्यक्तियों को बैंक खाते किराए पर उपलब्ध कराते थे। इसके बदले दोनों आरोपियों को कमीशन के रूप में आर्थिक लाभ मिलता था।
म्यूल खातों का दुरुपयोग
साइबर अपराधी इन खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने के लिए करते थे। वे इन खातों से नकदी निकालने का काम भी करते थे। दीपेश कुंजाम और चेतन कुंजाम के बैंक खातों में कुल 5,29,898 रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया। यह लेन-देन साइबर ठगी से संबंधित था।
दो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(4) एवं 318(2) के तहत अपराध दर्ज किया। उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के अभियान का हिस्सा है।