नोटबंदी के बाद रोडवेज बसों में फुटकर की समस्या को देखते हुए प्रीपेड स्मार्ट यात्री कार्ड का रास्ता निकाला गया है। इस कार्ड के माध्यम से किराये का भुगतान किया जा सकेगा। 30 नवंबर से झकरकटी और चुन्नीगंज बस अड्डे में यह कार्ड बनेंगे।
आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि रोज यात्रियों और परिचालकों के बीच फुटकर रुपये को लेकर विवाद होता है। राजस्व में भी तेजी से गिरावट आई है। एमडी मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी बस अड्डों पर प्रीपेड स्मार्ट यात्री कार्ड बनाने का आदेश दिए हैं। झकरकटी बस अड्डे पर समय-समय पर इस तरह के कार्ड बनाए जाते थे, अब 30 नवंबर से एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से झकरकटी और चुन्नीगंज बस अड्डे पर स्थाई काउंटर लगाकर कार्ड बनने का काम शुरू किया जाएगा।
इस तरह काम करेगा कार्ड
आरएम ने बताया कि प्रीपेड स्मार्ट यात्री कार्ड की खासियत यह है कि बस अड्डे पर खरीदकर तुरंत सफर कर सकते हैं। यह प्री एक्टिवेटेड कार्ड होगा जिससे तत्काल काम शुरू हो जाएगा। परिचालक इस इलेक्ट्रॉनिक्स टिकट मशीन से स्वाइप कर किराया ले लेंगे। यह कार्ड परिवहन विभाग की सभी बसों में मान्य होगा। इस कार्ड से रोजाना बस में सफर करने वालों के लिए ज्यादा आसानी होगी।
इस तरह यात्री बनवाएं कार्ड
पचास रुपये की रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने पर यह कार्ड यात्रियों को मिलेगा। इसके लिए यात्रियों को फोटो और पहचान पत्र की एक फोटो कॉपी देनी होगी। न्यूनतम पांच सौ रुपये से लेकर अधिकतम दो हजार रुपये तक का रीचार्ज बस अड्डे पर बने बैंकों के काउंटर से कराया जा सकेगा।