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शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को निदेशालय ने दिया जोर का झटका

Fri, 07 Oct 2016 10:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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शिक्षा निदेशालय ने बीते तीन साल से एक ही सीट पर जमे गैर शिक्षकों को बदलने के आदेश जारी कर दिए हैं। एक ही पद पर दो शिक्षकों का तबादला करने के मामले में संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा निदेशालय में फेरबदल के आदेश दिए हैं। बीते दिनों एक शिक्षक ने ठियोग से शोघी स्कूल में अपना तबादला करवाने के लिए निदेशालय में आवेदन किया। 
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30 सितंबर को शोघी स्कूल से एक शिक्षक के सेवानिवृत्त होने का आवेदन में हवाला दिया गया। निदेशालय ने तबादला आवेदन को मुख्यमंत्री ऑफिस भेजा, वहां से मंजूरी के बाद शिक्षक को शोघी स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया। इस शिक्षक ने शोघी में पद भी ग्रहण कर लिया। इसी बीच तीन अन्य शिक्षकों ने भी शोघी स्कूल में तबादला करने की अर्जी दी। 

यह प्रक्रिया अभी जारी ही थी कि किसी चौथे शिक्षक के तबादले के आवेदन को भी निदेशालय ने मुख्यमंत्री ऑफिस को भेज दिया। इस चौथे शिक्षक के तबादले को मुख्यमंत्री ऑफिस से मंजूरी मिल गई। जब यह शिक्षक स्कूल में पद ग्रहण करने पहुंचा तो मालूम पड़ा कि यहां तो पहले ही किसी अन्य शिक्षक ने पद संभाल लिया है। इस पूरी प्रक्रिया की शिकायत मुख्यमंत्री ऑफिस पहुंची। 
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निदेशक सहित कई अफसर निशाने पर

हिमाचल प्रदेश सरकार
शिक्षा निदेशालय द्वारा बिना जांच पड़ताल मुख्यमंत्री ऑफिस तक भेजे गए तबादला आवेदनों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच का जिम्मा अपने ओएसडी को सौंपा। जांच में निदेशालय की लापरवाही सामने आई। रिपोर्ट में कहा गया कि जब एक शिक्षक ने 

शोघी स्कूल में रिक्त पद पर ज्वाइन कर लिया तो अन्य शिक्षकों के आवेदन मुख्यमंत्री ऑफिस में भेजा जाना निदेशालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। जांच रिपोर्ट में ही बीते तीन साल से एक ही सीट को देख रहे गैर शिक्षक अफसरों और कर्मचारियों को बदलने की सिफारिश की गई है। 

तबादलों में हो रहे खेल के मामले में उच्च शिक्षा निदेशक सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी सरकार के निशाने पर आ गए हैं। मुख्यमंत्री के ओएसडी ने इन सभी के खिलाफ भी जांच करने की सिफारिश की है। हालांकि, सरकार ने अभी शिक्षा निदेशक के खिलाफ जांच के आदेश नहीं दिए हैं।
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