विश्व हिंदू परिषद् (वीएचपी) के 52 वर्ष के इतिहास में पहली बार अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए हुए शनिवार को गुरुग्राम के नए पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में चुनाव हुए। भारी सुरक्षा बलों के बीच बैलेट पेपर से हुए वोटिंग के जरिये वीएचपी के नए अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश के पूर्व गवर्नर एवं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व जज विष्णु सदाशिव कोकजे को चुना गया।
प्रवीण तोगडिय़ा समर्थक राघव रेड्डी की तगड़ी हार हुई। उन्हें सिर्फ 60 वोट मिले, जबकि जस्टिस सदाशिव को 131 वोट मिले हैं। एक वोट निरस्त कर दिया गया। चुनाव के बाद प्रवीण तोगडिय़ा ने वीएचपी छोडने के साथ 17 अप्रैल से अहमदाबाद में उपवास करने का ऐलान कर दिया। बता दें कि 273 पदाधिकारियों में से 192 पदाधिकारी चुनाव में वोट डालने के लिए पात्र हुए।
चुनाव के बाद प्रवीण तोगडिय़ा ने बिना किसी के नाम लिए कहा कि सत्ता के मदमस्त लोगों ने हटाने के लिए षड्यंत्र रचा। इससे उनकी आवाज नहीं दबेगी। वहीं, वीएचपी के संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र कुमार जैन ने कहा कि यह संगठन लोकतंत्र में विश्वास करता है। इसलिए संगठन ने चाहा तो लोकतांत्रिक तरीके से मतदान कराए गए। हालांकि प्रवीण तोगडिय़ा के बाहर जाने पर कुछ भी नहीं कहा।
बता दें कि वीएचपी में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष को परिषद् के सदस्य मतदान की प्रक्रिया से चुनते हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का चयन निर्वाचित अध्यक्ष करता है। पिछले दो बार से अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर चुने जा रहे राघव रेड्डी अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद की कुर्सी पर प्रवीण तोगडिय़ा को बिठाते आ रहे थे। चुनाव के बाद कोकजे ने कार्यकारिणी का गठन किया।
जिसमें तोगडिय़ा और राघव रेड्डी को नई टीम में कोई भी नया दायित्व नहीं दिया गया। कोकजे ने अपनी टीम में अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में आलोक कुमार एडवोकेट, कार्याध्यक्ष (विदेश विभाग) के लिए अशोकराव चैगुले, महामंत्री के लिए मिलिन्द पराण्डे, संगठन महामंत्री के लिए विनायक राव देशपाण्डे, नए उपाध्यक्ष के लिए चंपत राय और एक नए संयुक्त महामंत्री के लिए कोटेश्वर राव को बनाए गए।