मुख्यमंत्री जी, शपथ लेने के बाद आपने कहा था कि बाहुबली, अपराधी या तो प्रदेश छोड़ कर चले जाएं या उनकी जगह जेल में है। अफसोस, इसके बावजूद क्षेत्र में गोप्पा डाकू न सिर्फ छुट्टा घूम रहा है बल्कि आतंक का पर्याय बना हुआ है। जब और जिससे चाहता है रंगदारी मांगता है। उसके एक फोन पर सरकारी निर्माण व अन्य काम रुक जाते हैं। हाल ही में तीन लाख की रंगदारी मांगते हुए ओरा-ममसी मार्ग पर पुल निर्माण रुकवा दिया। आपकी स्पेशल पुलिस, एंटी डैकॉयटी सेल, आधुनिक हथियार व साजो सामान धूल फांक रहे हैं। पूरा तंत्र बौना साबित होता है। दावों को छोड़ अमला और सूचना तंत्र एक अदद फरार डाकू को सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा पा रहा। आप लोगाें का दर्द और उनकी पुकार सुन रहे हैं न...।
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डकैत गोप्पा
कोई जानता नहीं था, आज मोस्ट वांटेड
पहाड़ी के हर्रा गांव का रामगोपाल उर्फ गोप्पा शिक्षकों से रंगदारी वसूलता था। वक्त के साथ वह पुलिस व समाज के लिए सिरदर्द बन गया है। कभी डाकू बलखड़िया गैंग के साथ रहा तो इसकी कोई पहचान नहीं थी लेकिन इसके बाद इसने अलग गैंग बनाकर पहाड़ी, रैपुरा व तराई क्षेत्रों में वारदात करनी शुरु कीं। बीते साल 26 जून को एक साथ तीन हत्याएं करने के बाद यह मोस्ट वांटेड की श्रेणी में आ गया है।
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डकैत गोप्पा
गोप्पा के काले कारनामे
- 2015 में पांच हजार का इनामी बना।
- आज 50 हजार का इनामी हो गया है।
- हत्या, धमकी, रंगदारी वसूलने, लूट और मारपीट के लगभग तीन दर्जन मामल मामले दर्ज हैं।
- गोप्पा बलखडिया गैंग से अलग होकर दूसरे डाकू गौरी यादव गैंग का सक्रिय सदस्य बना।
- आज भी वह डाकू गौरी गैंग के साथ मिलकर भी पाठा क्षेत्र में वारदात करता है लेकिन पहाड़ी व राजापुर क्षेत्र में अलग ही वारदात को अंजाम देता है।
- बेलहरी में दिल्ली के दरोगा भगवान सहाय की गोली मारकर हत्या कांड में यह गौरी यादव गैंग के साथ था।
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डेमो पिक
एक फोन पर रुक जाता है पुल, सड़क निर्माण
चित्रकूट में पिछले एक साल के अंदर चार स्थानों पर काम रूकवाकर धमकी दी है। जिसकी पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज हुई। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में निर्माण शुरू हुआ। सरैंया के पास विद्युत प्लांट का काम, हर्रा के पास सड़क निर्माण, ओरा ममसी के पास पुल निर्माण और पहाड़ी औदहा मार्ग निर्माण कार्य में ठेकेदार से लाखों रुपये की रंगदारी मांग चुका है।
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डेमो पिक
पुलिस के हाथ कुछ नहीं आता
आधुनिक सुविधाओं से युक्त एंटी डकैती टीम फिलहाल नाकाम है। अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि गोप्पा गैंग भी शातिर हैं। जिस मोबाइल का प्रयोग करते हैं उसे कुछ दिनों के लिए बंद कर देते हैं। इनके पास कई सिम रहते हैं। जिससे बदल-बदलकर प्रयोग करते हैं। इसी कारण पुलिस अड्डे तक पहुंचने के बावजूद खाली हाथ आती है।
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डेमो पिक
जमानत के बाद गुम हो गया
28 फरवरी 2009 को गोप्पा को कर्वी शहर से सटे कपसेठी गांव (चित्रकूट) के पास गिरफ्तार किया था। उस समय उसके ऊपर 20 हजार रुपये इनाम था। उसे बांदा जेल भेजा गया। यहां जेल में करीब साढ़े चार साल तक रहने के बाद 30 अगस्त 2013 को वह जमानत पर रिहा हो गया। इसके बाद गोप्पा ऐसा गुम हुआ कि पुलिस आज तक उसकी परछाई नहीं पा सकी। अदालतों में भी वह फरार चल रहा है। जेल से छूटने के बाद उसने अपराधिक कारनामे और वारदात तेज कर दीं। इस पर शासन ने हाल ही में इनाम राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है।
फिर क्यों नहीं साहस
बांदा में जनपदवार एंटी डकैती टीम गठित है। चित्रकूट क्षेत्र ज्यादा दस्यु प्रभावित है। बांदा जिले के फतेहगंज क्षेत्र में ही बदमाशों का दखल है। दोनों जिलो की टीम में लगभग 20 से 25 सदस्य हैं। निरीक्षक, उप निरीक्षक और सिपाही शामिल हैं। ये एके-47 व इंसास जैसे आधुनिक हथियारों से लैस रहते हैं। फिर भी अदना सा गोप्पा सिस्टम को हिलाए हुए है। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि ‘गोप्पा कहीं भी गुम हो, हम उसे छोड़ेंगे नहीं। पुलिस की उस पर लगातार नजर है। शिकंजा दिन ब दिन कसता जा रहा है। पुलिस की कई टीमें कांबिंग के साथ सुरागरसी कर रही हैं। वह पुलिस के रडार में है। किसी भी दिन दबोचा या मुठभेड़ में मारा जा सकता है। कोई भी डकैत चित्रकूटधाम मंडल में पनपने नहीं दिया जाएगा’