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प्यासे बाघ के शिकारियों का वन विभाग को नहीं लगा सुराग, मध्य प्रदेश सरकार ने मांगी रिपोर्ट 

Fri, 17 May 2019 10:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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शिकारियाें की तलाश में टीमें (फाइल फोटो)
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चित्रकूट में प्यासे बाघ के तीन हत्यारोपियों का वन विभाग की अभिरक्षा से भाग जाने के दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने वन विभाग से रिपोर्ट तलब की है। इस मामले में अब तक रेंजर समेत छह लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। अभी कई और पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है। 
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12 मई की रात को जिले की सीमा से सटे मध्य प्रदेश के अमिरती वन बीट मझगवां में कुछ लोगों ने तालाब के पास करंट प्रवाहित तार लगाकर बाघ का शिकार किया था। इस मामले में वन विभाग की टीम ने सात ग्रामीणाें पर शक जताते हुए चार के खिलाफ मझगवां पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

 
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रेस्ट हाउस के रोशनदान की खिड़की तोड़कर भाग गए बाघ के हत्यारे

13 मई को इनमें राजेश मवासी, रज्जन कोल व जोला चौधरी को गिरफ्तार किया गया था जबकि चौथा आरोपी अनिल कोल फरार है। इन तीनों को बुधवार को अदालत में पेश करके दो दिन के रिमांड पर लिया गया था। बुधवार की देर रात को ही ये तीनों मझगवां वन विभाग के रेस्ट हाउस के रोशनदान की खिड़की तोड़कर भाग गए।  

वन विभाग की टीम मझगवां पुलिस टीम के साथ मिलकर आरोपियों की तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक कोई भी आरोपी नहीं पकड़ा जा सका है। सतना के डीएफओ राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि चार टीमें बनी हैं। जो यूपी-एमपी क्षेत्र के जंगल व गांव में आरोपियों की तलाश कर रही है। संभावना है कि तीनों अभी जंगल क्षेत्र में ही हैं। यूपी की सीमा में भी जा सकते हैं। चित्रकूट वन विभाग व पुलिस टीम से भी मदद मांगी गई है।

जल्द ही तीनों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा। उधर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय से बाघ के शिकार व आरोपियों के फरार होने की पूरी रिपोर्ट सतना प्रशासन से मांगी गई है। अब तक इस मामले में एक रेंजर, तीन वन रक्षक व दो संविदा कर्मी पर कार्रवाई हो चुकी है लेकिन पूरी संभावना है कि अभी कई और पर भी शासन प्रशासन की तलवार लटक रही है। 
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