जनजातीय गौरव समाज बस्तर संभाग ने नागरिक अलंकरण समारोह आयोजित किया। यह आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार (टाउन हॉल) में भव्यता से हुआ। बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दरराज को सम्मानित किया गया।
उन्हें बस्तर संभाग में नक्सल मुक्त अभियान में उल्लेखनीय, साहसिक एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान मिला। कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति की जीवंत झलक दिखी। आकर्षक पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने जनसमूह का मनमोह लिया। अतिथियों का जनजातीय रीति-रिवाजों से आत्मीय स्वागत हुआ।
सुन्दरराज ने कहा कि बस्तर उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। उन्होंने यहां की मिट्टी और जनजातीय समाज की सादगी को सराहा। सुन्दरराज ने नक्सलमुक्त बस्तर को सामूहिक विश्वास और प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने बस्तर की जनता के साहस और सहयोग की सराहना की। सुन्दरराज ने विश्वास जताया कि बस्तर शांति, विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
पद्मश्री बुधरी ताती ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी संस्कृति और जनजातीय अस्मिता से है। ताती ने शांति और विकास को समाज की एकजुटता और जागरूकता से संभव बताया। उन्होंने सुन्दरराज के नेतृत्व में हुए नक्सल उन्मूलन प्रयासों की सराहना की। जनजातीय समाज ने उनके योगदान को बस्तर के भविष्य के लिए ऐतिहासिक बताया।
जनजातीय गौरव समाज के प्रदेश सचिव गोपाल सिंह नाग ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बस्तर में बीते साढ़े चार दशकों से व्याप्त नक्सल समस्या पर विस्तार से बात की। नाग ने सुन्दरराज के नेतृत्व, रणनीतिक सोच और जमीनी समर्पण की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि सुन्दरराज ने जनजातीय समाज में विश्वास और संवाद का सेतु बनाया।
प्रदेश महामंत्री रामलखन पैकरा ने समर्पित अधिकारियों का सम्मान समाज के लिए गौरव का विषय बताया। संभागीय अध्यक्ष तुल्लुराम कश्यप ने स्वागत उद्बोधन दिया। जिलाध्यक्ष संतोष नाग ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कई गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।