प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में अंग्रेजी अखबार द संडे गार्जियन की संपादक ने सोमवार को कोर्ट में पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के पक्ष में बयान दिए। उन्होंने कहा कि अकबर एक संपूर्ण सज्जन व्यक्ति हैं। प्रिया रमानी ने उन पर इरादतन आरोप लगाए हैं। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को मुकर्रर की गई है।
पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी समर विशाल के समक्ष बसु ने कहा कि उन्होंने करीब 15 वर्षों तक अकबर के साथ काम किया। इस दौरान उनका बर्ताव कभी भी गलत नहीं रहा। वे सही मायने में पेशेवर व्यक्ति थे। पूरे दफ्तर में कठिन से कठिन काम करने वाले लोगों में से एक थे। बसु ने कहा कि प्रिया रमानी के यौन शोषण के लगाए गए आरोपों से अकबर की प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा है। रमानी ने ये सभी आरोप जानबूझ कर अकबर की छवि को खराब करने और समाज में अपनी साख बनाने के उद्देश्य से लगाए हैं। गौरतलब है कि प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में अकबर की ओर से छह लोगों को गवाह बनाया गया है, जिनमें से बसु भी एक हैं।
ये है मामला
प्रिया रमानी ने मीटू अभियान के तहत 8 अक्तूबर को पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर 20 साल पहले यौन शोषण करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद अकबर के खिलाफ करीब 20 अन्य महिलाओं ने भी मीटू पर यौन शोषण की कथित शिकायतें की थीं। इस मामले के तूल पकड़ने पर एमजे अकबर ने 17 अक्तूबर को विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था।