जहां एक ओर प्रदेश सरकार गुंडाराज खत्म करने के दम भर रही है, वहीं पुलिस पर दिनदहाड़े हमला करके बदमाश खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। ऐसे ही दो मामले एटा से सामने आए हैं। बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की। वहीं दूसरी ओर दबंगों ने निधौलीकलां पुलिस से मारपीट करके एक हत्यारोपी को छुड़ाने की घटना प्रकाश में आई है। एसआई ने थाना निधौलीकलां में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2016 से हत्या के मामले में सुभाष निवासी चित्तरपुर फरार चल रहा था। पुलिस उसे पकड़ने के लिए केजी स्मारक इंटर कालेज सोहरका मोड़ पर गई थी। उसी समय वहां मौजूद दीवानसिंह पुत्र नहारसिंह निवासी नगला
कलौदी मंडनपुर जलेसर ने अपने पन्द्रह अज्ञात साथियों के साथ मिलकर पुलिस से मारपीट की और हत्यारोपी सुभाष को छुड़ा कर फरार हो गए। इसकी रिपोर्ट एसआई प्रमोद कुमार ने थाना निधौलीकलां में दर्ज कराई है। वहीं थाना प्रभारी निधौलीकलां दिनेश कुमार ने बताया कि दीवान सिंह को पकड़ लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है।
वहीं दूसरी ओर थाना जलेसर पुलिस पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। जलेसर पुलिस दिलोखरा बंबे से गुजर रही थी। इसी बीच लुटेरे गैंग के चार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस अचानक हमले से हड़बड़ा गई और किसी तरह अपनी-अपनी जान बचाई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और सलीम उर्फ भब्बल पुत्र सोनू निवासी बमनई पिलुआ, यासीन खां पुत्र शेख निवासी सहवाजपुर निधौलीकलां, अजीज उर्फ बाबा पुत्र सोनू निवासी बमनई और दिलशाद उर्फ वेदा पुत्र फतेहखान निवासी सहवाजपुर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से दो तमंचा, छुरी, दो मोबाइल और दो हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए बदमाशों ने 29 अगस्त को जलेसर क्षेत्र में छह लोगों से लूटपाट की थी। इनका अपराधिक इतिहास खंगाल रही है।