बहादुरगढ़। 55 एमएम बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव हो गया जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों का आरोप है कि नालों की केवल कागजी सफाई की गई जबकि जमीन पर अधिकांश नाले गाद से भरे और अतिक्रमण की चपेट में हैं। गौरतलब है कि 8 जुलाई को हुई 76 एमएम बारिश के दौरान भी बहादुरगढ़ में इसी तरह के हालात बने थे। इसके बावजूद 10 जुलाई को नगर परिषद ने शहर के 67 किलोमीटर नालों की सफाई पूरी होने की कागजी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी थी। अब दूसरी बार हुई तेज बारिश के बाद उठ रहे सवालों ने उस रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक नालों की वास्तविक और नियमित सफाई नहीं होगी, तब तक हर बारिश में शहर को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा। वहीं नगर परिषद के सफाई निरीक्षक सुनील हुड्डा का कहना है कि नालों की सफाई लगातार की जा रही है। बारिश में सभी नालों से पानी निकासी में कोई बाधा नहीं मिली।