मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में सोमवार, 20 जुलाई को नीट परीक्षा पत्र रिसाव के विरुद्ध जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने भी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) ने देशभर में लगातार सामने आ रहे परीक्षा पत्र रिसाव की घटनाओं के विरोध में यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
जेडीए का मानना है कि परीक्षा पत्र रिसाव केवल एक परीक्षा में अनियमितता नहीं है। यह देश की शिक्षा व्यवस्था, प्रतिभा और योग्यता पर सीधा प्रहार है। लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। कुछ लोगों के भ्रष्ट आचरण के कारण उनकी मेहनत, मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होता है। हाल के घटनाक्रमों ने परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। इस विषय पर व्यापक सार्वजनिक चिंता देखी गई है। हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। कुछ लोगों की मिलीभगत से लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में आ जाता है।
जेडीए की प्रमुख मांगें
जेडीए ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से कई मांगें की हैं। उन्होंने परीक्षा पत्र रिसाव के मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की। दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाया जाए। इसे पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने की भी मांग की गई।
जेडीए ने ईमानदारी से परिश्रम करने वाले विद्यार्थियों के हितों और विश्वास की रक्षा की अपील की है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। यह शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के लिए है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करना है।