20 साल से बंद पड़ा सरकारी खाद्य संग्रह भंडार हुआ चालू
खुर्जा। जंक्शन क्षेत्र स्थित भारतीय खाद्य निगम का संग्रह भंडार श्रमिक संगठनों के विवाद के चलते करीब 20 सालों से बंद था। निगम की ओर से संविदा श्रमिकों के सहयोग से सोमवार को भंडार केंद्र को चालू कर दिया गया। इससे आसपास के क्षेत्रों में गेहूं और चावल की सप्लाई आसानी से होगी। राशन के लिए लाभार्थियों को ज्यादा दिन इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं राशन चोरी पर भी लगाम लग सकेगी।
मंडल प्रबंधक अनुज कुमार ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम की ओर से सभी जिलों में एक भंडार केंद्र बनाया गया है, जिसमें सरकारी गेहूं और चावल को रखा जाता है। इसी के माध्यम से केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनों के लाभार्थी व राशन डीलर को सप्लाई दी जाती है। बुलंदशहर जिले का केंद्र खुर्जा जंक्शन के रेलवे लाइन के पास स्थित है। इसमें करीब एक लाख क्विंटल खाद्य सामग्री रखने की जगह की व्यवस्था है। अन्य प्रदेशों से आने वाली खाद्य सामग्री मालगाड़ी के माध्यम से यहां पहुंचाई जाती है, लेकिन साल 2002 में श्रमिक संगठन और श्रम विभाग के विवाद के चलते भंडार केंद्र में काम बंद कर दिया गया था। यह विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। करीब 20 सालों से सरकारी सामग्री को निजी केंद्रों पर रखा जा रहा था, जिससे सरकार को बेवजह आर्थिक हानि हो रही थी और सामग्री के चोरी होने का भी खतरा रहा था। ऐसे में निगम की ओर से खुर्जा में स्थित संग्रह केंद्र को फिर से चालू कर दिया गया है। इसमें संविदा कर्मियों को नियुक्त किया गया है।
मंडल प्रबंधक ने बताया कि सोमवार को मालगाड़ी के माध्यम से बुलंदशहर रेलवे स्टेशन पर गेहूं आए थे। जिनको ट्रकों के माध्यम से संग्रह केंद्र में रखवाया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और अन्य योजनाओं में यह वितरित होंगे। अभी सामग्री को सुरक्षित रखा गया है। केंद्र चालू होने पर पूर्व विवाद के चलते विरोध की संभावना थी। ऐसे में पुलिस फोर्स की मौजूदगी में माल रखवाया गया है।
पंजाब और हरियाणा से आता है माल
संग्रह केंद्र में पंजाब और हरियाणा प्रदेश से गेहूं व चावल मालगाड़ी के माध्यम से आता है। संग्रह केंद्र में केवल गेहूं और चावल का भंडारण है। यह प्रदेश और केंद्रीय योजना के तहत लोगों को बांटे जाते हैं। सामग्री की सुरक्षा पूरी रखी जाती है। इसमें सीसीटीवी से भी नजर रखी जाती है।