इस साल मां लक्ष्मी की आराधना का विशेष पर्व दीवाली विशेष तथा दुर्लभ संयोगों के साथ आएगा। दीपावली का पर्व इस बार स्वाति नक्षत्र में दिन के नौ बजकर 2 मिनट पर शुरू हो रहा है। प्रीति योग में प्रदोष रात्रिकाल और आंशिक काल में अमावस्या होने के कारण इस वर्ष की दीपावली का विशेष महत्व है।
पूजन में अमावस्या तिथि प्रदोष काल रात्रिकाल और और महारात्रिकाल और तुला का सूर्य, तुला राशि का चंद्रमा रविवार का दिन प्रीति योग होने के कारण 28 वर्षों के बाद ऐसा योग आ रहा है।
सेक्टर-30 के भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का कहना है कि यह समय एवं चौघड़िया मुहूर्त महालक्ष्मी, कुबेर और महाकाली पूजन, यंत्र मंत्र की साधाना व हवन अनुष्ठान के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है।
बीरेंद्र नारायण के अनुसार 30 अक्तूबर को चंडीगढ़ में सूर्यास्त शाम पांच बजकर 32 मिनट पर है।