वाराणसी में संत रविदास की जयंती की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। एक तरफ मेला क्षेत्र में तंबुओं का शहर सजने लगा है तो दूसरी तरफ सेवादारों के आने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। रेलवे की ओर से रैदासियों के लिए दो स्पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति मिलने से श्रद्धालुओं में हर्ष का माहौल है। वहीं सीर में कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार तैयारियां चल रही हैं।
रविदास जयंती के अवसर पर दो स्पेशल ट्रेनों से रैदासी बनारस पहुंचेंगे। पहली ट्रेन 13 फरवरी को संत निरंजन दास और श्रद्धालुओं को लेकर पंजाब से बनारस रवाना होगी और 14 को पहुंचेगी। दूसरी ट्रेन 14 फरवरी को श्रद्धालुओं को लेकर पंजाब से आएगी और 15 फरवरी को बनारस पहुंचेगी। जयंती के बाद पहली ट्रेन 17 को पंजाब रवाना हो जाएगी और दूसरी ट्रेन 18 फरवरी को रवाना होगी।
मंदिर प्रबंधन के ट्रस्टी के एल सरोआ ने बताया कि संत निरंजन दास और मंदिर ट्रस्ट ने सरकार से दो ट्रेनों के संचालन की मांग की थी। मांग पूरी होने पर रैदासियों में खुशी की लहर है। पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण ट्रेनों के निरस्त होने के कारण संत निरंजन दास हवाई मार्ग से बनारस आए थे और भक्तों की संख्या भी कम रही थी।
श्रद्धालुओं के दान से चलती है बेगमपुरा
ट्रस्टी के एल सरोआ ने बताया कि स्पेशल ट्रेन के लिए लगभग 45 लाख का खर्च आया है जो श्रद्धालुओं के दान से दिया जाता है। संत रविदास की जयंती और अपने गुरु के लिए भक्तों ने वर्ष 2000 से स्पेशल ट्रेन की शुरुआत की थी जो अनवरत चल रही है। इन 22 सालों में सिर्फ पिछली बार कोरोना के कारण ट्रेन नहीं आई थी।