राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की मंथन बैठक के दूसरे दिन 12 संसदीय क्षेत्रों की समीक्षा की गई है। इस दौरान भरतपुर व अलवर के सांसद का बैठक में सम्मलित नहीं होना चर्चा का विषय बना रहा है।
अलवर क्षेत्र के विधायकों ने तो बाकायदा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने सांसद महंत चांदनाथ की शिकायत की। विधायकों का कहना था कि सांसद के क्षेत्र में सक्रिय नहीं होने के कारण जनता में गलत मैसेज जा रहा है। साथ ही उनके सांसद निधि का भी उपयोग नहीं हो पा रहा है। इससे पूर्व मंथन के दूसरे दिन की शुरुआत जयपुर ग्रामीण संसदीय क्षेत्र की समीक्षा से हुई। इस दौरान सांसद राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ से स्थानीय विधायक संतुष्ट दिखे। मंगलवार को मंथन बैठक के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी भी उपस्थित थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री राजे ने मिशन 25 और 180 को लेकर सांसद व विधायकों को नसीहत दी। राजे का कहना था कि आपस में समन्वय के साथ जनता के साथ समन्वय भी रखना आवश्यक है।
गौरतलब है कि राजस्थान के कुछ सांसद ऐसे है जिनकी शिकायतें अकसर पार्टी आलाकमान को मिलती रहती है। जिसमें प्रमुख रुप से अलवर सांसद महंत चांदनाथ और सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती है।