झज्जर। जिला जेल में बंद कैदियों और बंदियों के मनोरंजन के लिए रेडियो जॉकी की सुविधा शुरू की गई है। खास बात यह है कि जेल में बंद पांच कैदियों को रेडियो जॉकी के रूप में काम करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। वे अन्य बंदियों की फरमाइश पर मनपसंद गाने बजाते हैं। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को मनोरंजन के साथ मानसिक राहत देना है।
जेल में करीब तीन महीने पहले शुरू हुई इस सुविधा के तहत प्रतिदिन दो शिफ्टों में गाने बजाए जाते हैं। सुबह नौ बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक और शाम साढ़े चार बजे से साढ़े पांच बजे तक बंदी अपनी पसंद के गानों की फरमाइश कर सकते हैं।
रेडियो जॉकी के रूप में काम करने वाले बंदियों को मानदेय भी दिया जाता है। अनस्किल्ड श्रेणी के बंदियों को 80 रुपये, सेमी-स्किल्ड को 100 रुपये और स्किल्ड श्रेणी के बंदियों को 120 रुपये दिए जाते हैं।
जिला जेल अधीक्षक सेवा सिंह ने बताया कि रेडियो जॉकी की सुविधा के माध्यम से बंदियों को अपनी पसंद के गाने सुनने का अवसर मिल रहा है। इसके लिए दो शिफ्ट निर्धारित की गई हैं और बंदियों की फरमाइश के अनुसार गाने बजाए जाते हैं।