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चंडीगढ़ः हाईकोर्ट के आदेश से पब्लिक को झटका, आज से फिर पार्किंग के रेट हुए दोगुने

Thu, 12 Jul 2018 09:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पार्किंग
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शहर में पार्किंग रेट्स आधे होने की राहत शहरवासियों को महज एक दिन ही मिल पाई। अब गुरूवार को लोगों को पेड पार्किंग में फिर से डबल रेट देने होंगे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार दोपहर को मामले की सुनवाई करते हुए ठेका कंपनी आर्य इंफ्रा को राहत दे दी और ठेका निरस्त करने के नगर निगम के फैसले पर रोक लगा दी। वहीं, हाईकोर्ट के आदेश पर कंपनी ने बुधवार को ही नगर निगम के खाते में पहली किश्त के 1.35 करोड़ रुपये भी जमा करा दिए।
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यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करने के बाद शाम को पेड पार्किंग का कब्जा लेने का दावा कंपनी ने ठोक दिया लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश की प्रति कंपनी से मांगी लेकिन कंपनी आदेश की कॉपी नहीं मिलने के कारण उसे दिखा नहीं पाई, ऐसे में कंपनी पार्किंगों का कब्जा नहीं ले पाई। 26 जुलाई को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई होगी। कंपनी के अनुसार गुरूवार सुबह आदेश की प्रति लेने के बाद शहर की सभी 25 पेड पार्किंगों का कब्जा ले लिया जाएगा।

ऐसे में कोर्ट के आदेश से नगर निगम के साथ ही आम पब्लिक को भी झटका लगा है। कंपनी के पक्ष में कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम के अधिकारियों और अफरातफरी मच गई है क्योंकि अब गुरूवार से फिर से बढ़े हुए रेट लागू हो जाएंगे। सभी 25 पेड पार्किंगों में कार से 20 और दोपहिया वाहन चालक से पहले चार घंटे के 10 रुपये चार्ज किए जाएंगे जबकि इसके बाद हर दो घंटे के बाद रेट बढ़ने की भी स्लैब जारी रहेगी।
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मालूम हो कि सोमवार को आर्य इंफ्रा कंपनी का समझौता खारिज कर नगर निगम ने शहर की 25 पेड पार्किंगों का कब्जा लिया था। इसके बाद मंगलवार को नगर निगम वित्त एवं अनुबंध कमेटी ने रेट आधे करने का निर्णय लिया जो कि गुरूवार से ही लागू हुए थे लेकिन दोपहर को कोर्ट के आदेश आने के बाद फिर से कंपनी ने बढ़े हुए रेट चार्ज करने का दावा किया। कंपनी के निदेशक सुनील बिडलानी का कहना है कि उनका एमओयू बढ़े हुए रेट्स चार्ज करने का ही है ऐसे में वह रेट कम चार्ज नहीं कर सकते। बिडलानी का कहना है कि जो दो दिन का उन्हें नुकसान हुआ है वह भी नगर निगम से मांगा जाएगा। बिडलानी का कहना है कि अब पूरी तरह से पार्किंग को स्मार्ट बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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40 लाख का नुकसान, नगर निगम से कराएंगे भरपाई

पार्किंग में खड़े वाहन
आर्य इंफ्रा कंपनी के निदेशक सुनील बिडलानी का कहना है कि नगर निगम ने दो दिन में पार्किंग जो उनका सामान लगा था, उसको नुकसान पहुंचाया। उनकी जो एलईडी और कैमरे लगे हैं, उन्हें तोड़ा गया है। यहां तक कि जो पार्किंग रेट्स के चार्ट लगे थे, उनको भी फाड़ दिया गया है।

पार्किंग प्रवेश द्वार पर जो बूथ लगे हैं, उन्हें नुकसान पहुंचाया गया है। ऐेसे में उनका 40 लाख का नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई नगर निगम से ली जाएगी। बिडलानी का कहना है कि वीरवार को कोर्ट के आदेश आने के बाद वीडियोग्राफी करवाकर ही पार्किंगों का कब्जा लिया जाएगा।
 
निगम ने दो लाख रुपये की स्टेशनरी करवाई प्रिंट

पार्किंग चलाने के लिए नगर निगम ने दो लाख रुपये की स्टेशनरी प्रिंट करवाई है, जिनमें मैनुअल काटने वाली पर्चियां भी शामिल हैं। अब आर्य इंफ्रा कंपनी द्वारा फिर से पेड पार्किंग का कब्जा लेने से यह पर्चियां बेकार हो जाएंगी। कंपनी ई-टिकटिंग द्वारा पर्ची काटती है।

कर्मचारियों को भी मिली राहत
इस समय नगर निगम के बागवानी, जन स्वास्थ्य, रोड, अतिक्रमण हटाओ दस्ता और एमओएच विंग के कर्मचारी पार्किंग चला रहे थे। ऐसे में इन कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि एक तो शहर के काम प्रभावित हो रहे थे और दूसरा इन कर्मचारियों को पूरा दिन गरमी में तैनात होकर डयूटी देनी पड़ रही थी।

इसके साथ ही जो आर्य इंफ्रा कंपनी के कर्मचारी बेरोजगार हो गए थे उन्हें फिर से काम मिल गया है। सेक्टर-44 आरउब्लयूए के अध्यक्ष स्वदेश तलवार का कहना है कि उनके यहां पर जब रोड गलियों में पानी जमा हो गया तो कोई कर्मचारी नहीं आया। जेई ने बताया कि उनके कर्मचारी पार्किंगों में तैनात हैं।

मेयर गुट मान रहा था अपनी जीत
आर्य इंफ्रा कंपनी का समझौता खारिज कर रेट आधे करने का फैसला लेकर मेयर गुट इसे अपनी जीत मान रहा था लेकिन उनकी खुशी एक दिन भी नहीं रह पाई। वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में सदस्यों ने मेयर और कमिश्नर को बधाइयां भी दी थीं। मालूम हो कि मेयर देवेश मोदगिल और उनके साथी पार्षद अप्रैल माह से लगातार आर्य इंफ्रा कंपनी से छुटकारा पाने का प्रयास कर रहे थे।

बुधवार को दिन में कई बार खत्म हुई पर्चियां 
दिन में नगर निगम के कर्मचारियों की कई बार पर्चियां खत्म हुईं। नई पर्चियां जारी करवाने के लिए कर्मचारी नगर निगम कार्यालय आए।  पर्चियां न होने से लोगों के वाहन को निशुल्क ही पार्किंग में जाने की मंजूरी दी गई।

बढ़े हुए रेट की प्रिंट लिस्ट फाड़ी
हर पार्किंग के प्रवेश द्वार पर आर्य इंफ्रा कंपनी ने बढ़े हुए पार्किंग रेट की लिस्ट चिपकाई हुई थी। यह लिस्ट नगर निगम ने बुधवार को फाड़ दी है। कंपनी का कहना है कि सभी पार्किंगों से लिस्ट फाड़ने से उनका ढाई लाख का नुकसान हुआ है जबकि कई पार्किंगों से कैमरे भी गायब हो गए हैं। 
 
कांग्रेस का आरोप, कंपनी और निगम के बीच है मिलीभगत
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि जब कंपनी भुगतान राशि जमा करवाने के लिए तैयार थी तो कोर्ट में जाने से पहले कंपनी ने क्यों नहीं जमा कराई। छाबड़ा का कहना है कि यह सिर्फ शहरवासियों को लूटने के लिए निगम और कंपनी के बीच मिलीभगत को उजागर करता है। फिर से पुराने रेट्स लागू होने से शहरवासियों के साथ एक बड़ा धोखा हुआ है।

कंपनी पहले ही पैसे जमा करवा देती तो यह विवाद ही पैदा नहीं होता। एमओयू खारिज करने के बाद जो नगर निगम और वित्त एवं अनुबंध कमेटी का काम था, वह उन्होंने किया। शहरवासियों के हित में रेट कम किए गए थे। ऐसे में अब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश आए हैं वह उसका भी सम्मान करते हैं। पार्किंगों में स्मार्ट फीचर होने चाहिए, इसके लिए नगर निगम की लड़ाई जारी रहेगी। -देवेश मोदगिल, मेयर

अगर कंपनी पहले ही अपनी बकाया किस्त जमा करवा देती तो फिर नगर निगम को एमओयू खारिज करने की जरूरत ही नहीं पड़ती। अब भी कोर्ट ने कंपनी को राशि जमा करवाने के अलावा पार्किंग में सभी स्मार्ट फीचर लागू करने के लिए कहा है। आदेश की प्रति आने के बाद जब कंपनी पेड पार्किंग का कब्जा लेगी तो फिर से पुराने बढ़े हुए रेट्स ही लागू हो जाएंगे। ऐसे में वित्त एवं अनुबंध कमेटी द्वारा लिए गए सभी फैसले समाप्त हो जाएंगे। पेड पार्किंगों को निरंतर स्तर पर चेक किया जाएगा ताकि कोई वायलेशन न हो सके। -केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
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