आर्म्स एक्ट में सजा का एलान होते ही दोषी ने कोर्ट से भागने की कोशिश की। कोर्ट में तैनात नायब कोर्ट ने दोषी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर बलौंगी के सर्बजीत सिंह उर्फ रॉकी को जैसे ही एडिशनल सेशन जज ने आर्म्स एक्ट की धारा के तहत 5 साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई तो वह कोर्ट रूप से भाग निकला।
पुलिस का कहना है कि सजा के बाद पुलिस जब कागजी कार्रवाई में व्यस्त हुई तो सर्बजीत मौका देखकर वहां से भागा। तभी नायब कोर्ट कांस्टेबल सुरेश कुमार ने उसको वकीलों के चैंबर की तरफ भागते देख लिया। सुरेश कुमार भी उसके पीछे भागा और चैंबर के पास उसे पकड़ लिया। रॉकी जमानत पर था। उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। जहां से उसे बुड़ैल जेल भेज दिया गया।
25 अक्तूबर 2015 को सेक्टर-17 पुलिस ने आपराधिक स्तर पर रास्ता रोक ने, हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत रॉकी व अन्य पर केस दर्ज किया था। रॉकी पर आरोप था कि उसने साथियों के साथ मिलकर सेक्टर 38 के दीपक पर गोली चला दी थी। जानकारी के मुताबिक हत्या के प्रयास की धारा में दीपक व उसकी महिला मित्र के कोर्ट में मुकरने के कारण रॉकी को बरी कर दिया गया था। शनिवार उसके साथ उसका साथी मनप्रीत भी था। मनप्रीत को कोर्ट ने बरी कर दिया, जबकि रॉकी को आर्म्स एक्ट केस में सजा सुनाई गई। वहीं अन्य दो आरोपियों का केस अन्य कोर्ट में चल रहा है।