निर्माणाधीन मस्तूरा-दिलमी-करोखी मोटर मार्ग से रौडू गांव को बना हुआ खतरा। ग्रामीण तलाश रहे सुरिक्षत ठिकाना, एक परिवार घरेलू सामग्री लेकर अन्यत्र शरण के लिए जाता हुआ।
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शुक्रवार देर रात से जनपद में रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन व्यपाक रूप से प्रभावित हो गया है। ऐसे में अब ग्रामीण नए ठिकानों की तलाश में है। रुद्रप्रयाग और जखोली ब्लाक में तेज बारिश हो रही है। हालांकि कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बारिश से ऊखीमठ-गोपेश्वर हाईवे दूसरे दिन भी बंद रहा। एनएच निर्माण खंड ने मस्तूरा में ध्वस्त हो गई सड़क को पहाड़ी से काटकर पुन: निर्मित किया है।
हालांकि रौडू में लगातार गिर रहे पत्थर व मलबे से यहां पर काम करना मुश्किल हो रहा है। इधर, ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर सिरोहबगड़ में भूस्खलन से सुबह कुछ देर के लिए यातायात बंद रहा।
कुछ देर खुलने के बाद दिनभर यहां पर पत्थर व मलबा गिरने से यातायात बाधित होता रहा। दूसरी तरफ ऊखीमठ तहसील के मस्तूरा घाटी के नीचे गोलियाबगड़ में भारी भूस्खलन से ऊर्जा निगम की 11केवी लाइन के क्षतिग्रस्त होने से हुड्डू, उषाड़ा, दैड़ा, कांडा, बरंगाली, ग्वाड़, डिलणा आदि गांवों में विद्युत सप्लाई ठप पड़ी है।
लगातार हो रही बारिश से मरम्मत में दिक्कत आ रही है। एसडीओ अर्चित भट्ट ने बताया कि देर शाम तक सप्लाई बहाल की जा कसती है। इधर, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर भीरी से एक किमी आगे पहाड़ी से हुए भूस्खलन से महेंद्र प्रसाद मिश्रा का व्यवसायिक भवन ध्वस्त हो गया। उन्होने बमुश्किल भागकर अपनी जान बचाई। रुद्रप्रयाग नया बस अड्डा के समीप भी पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक वाहन का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।