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जगदलपुर: रिसर्च मेथडोलॉजी विषय पर कार्यशाला का आयोजन, बलिराम कश्यप शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में कार्यक्रम

Sun, 01 Mar 2026 12:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

स्वर्गीय बलिराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय डिमरापाल में रिसर्च मेथडोलॉजी विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
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कार्यक्रम में आये अतिथि
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विस्तार
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स्वर्गीय बलिराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय डिमरापाल में रिसर्च मेथडोलॉजी विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सा विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को शोध की मूलभूत अवधारणाओं, अनुसंधान पद्धति, अध्ययन डिज़ाइन तथा वैज्ञानिक लेखन के विभिन्न आयामों की व्यापक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

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कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. रघुपति अंचला (एमबीबीएस एएफएमसी, डीटीसीएच, एमपीएच, पिट्सबर्ग, यूएसए, पीएचडी, कैम्ब्रिज, यूके; डीन अकादमिक एवं प्रोफेसर, एपिडेमियोलॉजी), डॉ. नेहा सिंह (रिसर्च साइंटिस्ट, मेकाहारा) तथा डॉ. शालिनी जैन (सहायक प्राध्यापक, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, डिमरापाल) ने व्याख्यान दिया, सभी वक्ताओं ने शोध की आवश्यकता, अनुसंधान योजना निर्माण, डेटा संग्रहण एवं विश्लेषण, अध्ययन डिज़ाइन तथा शोध पत्र लेखन की प्रक्रिया पर विस्तृत, सारगर्भित एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संजय बसाक (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जगदलपुर), डॉ. प्रदीप बेक (डीन, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, डिमरापाल, डॉ. टीकू सिन्हा (डीन, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, दंतेवाड़ा), डॉ. अनुरूप साहू (मेडिकल सुपरिटेंडेंट, शहीद महेंद्र कर्मा चिकित्सालय, डिमरापाल, डॉ. किशोर ब्रह्मपुरकर विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
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अतिथियों ने अपने प्रेरक उद्बोधन में चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान की बढ़ती आवश्यकता पर विशेष बल दिया तथा विद्यार्थियों को शोध गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। यह कार्यशाला अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं उपयोगी सिद्ध हुई तथा चिकित्सा शिक्षा में अनुसंधान की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में स्थापित हुई।
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