दिल्ली में कोरोनावायरस से एक संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन हरकत में है। इसके केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों ही सख्त कदम उठा रही हैं। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दिल्ली सरकार उन लोगों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है जो या तो संक्रमित हो सकते हैं या वे किसी अन्य संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हैं।
कोरोनावायरस पर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कोविड-19 एक नया संक्रमण है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। हम दिल्ली को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं। उन्नीस सरकारी और छह निजी अस्पतालों समेत 25 अस्पतालों में पृथक वार्ड बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साढ़े तीन लाख एन-95 मास्क की व्यवस्था करने का प्रयास जारी है। कोरोना वायरस के मरीजों का उपचार कर रहे चिकित्सा कर्मियों के लिए आठ हजार से अधिक उपकरण मौजूद हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए मंगलवार को जैन और अन्य उच्चाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की।
बता दें कि बैठक से एक दिन पहले दिल्ली में एक व्यक्ति के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की खबर आई थी। सिसोदिया ने कहा कि हम उन लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं जो या तो संक्रमित हो सकते हैं या वे कोविड-19 से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में थे।
दिल्ली में मिला पहला संक्रमित
दिल्ली में भी एक पॉजीटिव केस मिलने के बाद आपात बैठक तक होने लगी है लेकिन मंगलवार को हुई दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की बैठक के बाद बड़ा खुलासा हुआ। एक माह बाद भी दिल्ली सरकार के अस्पतालों में कोरोना वायरस को लेकर तैयारियां ही शुरू नहीं हुई हैं। इसके कारण उच्च अधिकारियों में भी नाराजगी है। इसीलिए बैठक के दौरान सभी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों को आइसोलेशन वार्ड बनाने के आदेश जारी किए गए हैं।