1995 बैच के जो चार आईपीएस आईजी से एडीजी बनेंगे, उनमें पहला नाम आलोक सिंह का है जो मेरठ रेंज के आईजी हैं। दूसरे नंबर पर आईजी साइबर क्राइम अशोक कुमार सिंह, आईजी सुरक्षा रवि जोसेफ और आईजी पीएसी राम कुमार का नाम शामिल है। 2002 बैच के 10 आईपीएस अधिकारी डीआईजी से आईजी हो जाएंगे।
इनमें डीआईजी कानून-व्यवस्था विजय भूषण, डीआईजी प्रयागराज केपी सिंह और डीआईजी मिर्जापुर पीयूष श्रीवास्तव के साथ-साथ धर्मवीर, अनिल कुमार राय, सुभाष सिंह बघेल, राकेश शंकर, रतनकांत पांडेय, सत्येंद्र कुमार राय और जितेंद्र कुमार शुक्ला शामिल हैं।
वहीं एसएसपी से डीआईजी बनने वालों में 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी कानपुर एसएसपी अनंत देव, अलीगढ़ एसएसपी आकाश कुल्हरी, सीतापुर एसपी एलआर कुमार, मथुरा एसएसपी शलभ माथुर, जीआरपी गोरखपुर में तैनात एसपी पुष्पांजलि देवी, पीलीभीत एसपी अभिषेक दीक्षित, पावर कॉर्पोरेशन में एसपी साधना गोस्वामी, पीएसी में तैनात डॉ. मनोज कुमार, एसपी सीबीसीआईडी अशोक कुमार पांडेय, एसपी इंटेलीजेंस गंगानाथ त्रिपाठी और एसपी व्यापार कर शिव प्रसाद उपाध्याय शामिल हैं।
अगले वर्ष 2007 बैच के 11 आईपीएस अफसरों को सेलेक्शन ग्रेड मिलेगा। इनमें मुरादाबाद के एसएसपी अमित पाठक के अलावा एटीएस में एसपी विनोद कुमार सिंह, एसपी जौनपुर अशोक कुमार तृतीय, रेलवे आगरा के एसपी जोगेंद्र सिंह, एसपी महिला पावर लाइन रविशंकर छवि, एसपी होमगार्ड प्रतिभा अंबेडकर, पीएसी मेरठ में तैनात एसपी नितिन तिवारी, एसएसपी गोरखपुर सुनील गुप्ता, डीजीपी ऑफिस में तैनात पंकज कुमार, गोपेश नाथ खन्ना और एसपी एससीआरबी अनिल कुमार सिंह शामिल हैं। वहीं, 2016 बैच के 16 अफसर सहायक पुलिस अधीक्षक से पुलिस अधीक्षक के पद पर प्रोन्नति पाएंगे।
डीजीपी को सेवा विस्तार मिलने की चर्चा
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन चर्चा है कि उन्हें कम से कम तीन महीने का सेवा विस्तार दिया जाएगा। हालांकि इसे लेकर शासन स्तर पर कोई कार्यवाही शुरू नहीं की गई है। इससे पहले डीजीपी सुलखान सिंह को भी तीन महीने का सेवा विस्तार मिला था। इस मुद्दे पर फैसला अंतिम सप्ताह में लिया गया था।