एक साल से पैचवर्क का इंतजार कर रहे नेशनल हाइवे 148 बी का हाल गांव की गलियों से भी बदलहाल हो गया है। नारनौल-महेंद्रगढ़-दादरी को जोड़ने वाले इस रोड पर गांव आकोदा में पैदल निकलना भी दूभर है। हाइवे पर लंबे चौड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में पानी भर जाने से दुपहिया वाहनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महेंद्रगढ़ जिले के इस प्रमुख रोड पर पिछले करीब एक साल से पैचवर्क भी नहीं हो सका है। भिवानी से दादरी, महेंद्रगढ़, नारनौल होते हुए कोठपुतली तक की सड़क को एनएच 148 बी के नाम से पहचाना जाता है। भाजपा की पिछली सरकार ने इस रोड को फोरलेन करने का एलान किया था। जिसमें भिवानी से दादरी तक रोड को फोरलेन किया जा चुका है। कोठपुतली से नांगल चौधरी , नारनौल तक की सड़क को फोरलेन किया जा रहा है। मंडोला से कुकसी तक की सड़क को फोरलेन करने का काम अब तक शुरू भी नहीं हो सका। पिछले तीन साल से इस सड़क की लगातार अनदेखी हो रही है। विधानसभा में भी इस सड़क की फोरलेनिंग का मामला उठ चुका है। इस रोड के जर्जर होने के कारण पिछले छह महीने में कई बड़े हादसे हो चुके हैं। जिसमें करीब 20 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया तथा पीडब्ल्यूडी के बीच सड़क झूल रहे इस रोड पर पिछले एक साल से भी लंबे समय तक पैचवर्क तक नहीं कराया गया है। बरसात होते ही इस रोड पर बहुत बुरा हाल हो जाता है। पिछले तीन दिन में आई बरसात के बाद रोड पर डाला गया मैटिरियल बह गया। गांव आकोदा में इस सड़क का सबसे बुरा हाल है। यहां नेशनल हाइवे का हाल किसी गांव की बदहाल गलियों से भी बुरा है। गांव आकोदा में करीब दो किलोमीटर लंबे एरिया में सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। यहां रोजाना कुछ वाहन क्षतिग्रस्त भी हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक यहां चोटिल हो रहे हैं।गांव के लोग इस बारे में पीडब्ल्यूडी को कई बार शिकायत दे चुके हैं।जिस पर अधिकारियों की ओर से पैचवर्क का भरोसा दिलाया जाता है।
इस रोड को एनएच का दर्जा दिया हुआ है। यहां पैदल निकलना भी मुुश्किल है। थोड़ी सी बरसात में ही सड़क पर लंबे चौड़े गड्ढे हो जाते हैं। यहां पैचवर्क भी नहीं कराया जा रहा। प्रदेश तथा केंद्र सरकार ने इस रोड को फुटबॉल बनाया हुआ है। दोनों में से कोई भी इस सड़क की जिम्मेदारी नहीं ले रहा। राजेंद्र यादव, गांव आकोदा
हमारे गांव में रोजाना दो से तीन दुुपहिया चालक सड़क पर गिरते हैं। सड़क पर बने इन गड्ढों के कारण जनवरी महीने में एक पिकअप अनियंत्रित हो गई थी। जिस कारण एक युवक की जान चली गई थी। इससे बुरी हालत में हरियाणा की कोई दूसरी सड़क शायद ही होगी। सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा।
नरेंद्र सिंह ,गांव आकोदा
महेंद्रगढ़ जिले का पिछड़ापन देखना हो तो गांव आकोदा आएं। यहां की सड़क देखकर ही आपको पता लग जाएगा कि प्रेदेश में कितना विकास हुआ है। यहां एनएच का ही इतना बुरा हाल है तो छोटी सड़कों का अंदाज खुद लगा लें। पीडब्ल्यूडी की ओर से इस सड़क के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। विरेंद्र सिंह, गांव आकोदा
महेंद्रगढ़, नारनौल जाने के लिए बास, खुड़ाना सहित आसपास के करीब 15 से अधिक गांवों के लोग आकोदा आते हैं।यहां से नारनौल, दादरी आदि के लिए बस पकड़ते हैं। आकोदा में सड़क बेहद खराब हालत में हैं। इन दिनों लॉकडाउन के कारण बसें नहीं चल रही। मजबूरी में दोपहिया पर चलने वाले लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।
नारायण सिंह, गांव बास -खुड़ाना