सहादतपुरा स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर पैसा निकालने के लिए लगी लोगों की कतार।
नोटबंदी के 19 दिन बीत जाने के बाद भी नोटों का संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। नोट बदलने की प्रक्रिया समाप्त करने के बाद भी लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। रतनपुरा ब्लाक मुख्यालय स्थित एटीएम पर ताले लटक रहे हैं। वहीं पहसा बाजार के एटीएम से कुछ समय के लिए रुपये निकले परंतु कुछ ही समय में खाली हो गया। घंटों लाइन में खडे़ रहने के बाद भी लोगों को रुपये नहीं मिल रहे हैं। सबसे बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों का है। पखवारे भर से अधिक समय बीतने के बाद भी ग्रामीण इलाकों छोटे बाजारों के बैंकों में नोटों की पहुंच न होने से ग्रामीणों की मुसीबत कम होने की बजाए बढ़ती ही जा रही है।
नोटबंदी को लेकर अभी भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई है। अभी भी लोगों को कैश के लिए एटीएम, बैंक, डाकखाने पर लाइन लगानी पड़ रही है। रविवार को हालांकि बैंक और डाकघर बंद रहे वहीं अधिकांश एटीएम भी लोगों को धोखा दे दिए। नाममात्र के प्राइवेट बैंकों के एटीएम खुले रहे जहां सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। अधिकांश एटीएम के बंद रहने से हालांकि खुले एटीएम पर लोगों की काफी भीड़ जमा रही। कुछ बैंकों में नए नोट 2000 रुपये के आ गए हैं। सिर्फ बड़े नोट निकलने के चलते लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो पा रही हैं। सबसे अधिक परेशानी छोटे दुकानदारों को बड़े नोट के चलते हो रही है।