ध्वनि प्रदूषण रोकने को लागू नई व्यवस्था के बाद पांच फरवरी से शुरू हुई सहालग के बाद से फरवरी में साढ़े नौ हजार आवेदकों ने वैवाहिक कार्यक्रमों में बैंडबाजा व डीजे बजवाने की अनुमति को आवेदन किया। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर इनमें से 76 सौ आवेदनों का निस्तारण कर प्रशासन ने बैंडबाजा डीजे बजवाने की अनुमति दी। जबकि मार्च में लंबित करीब दो हजार आवेदनों को निस्तारित कर चार मार्च से अनुमति पत्रों का वितरण शुरू होगा।
इस दौरान 18 फरवरी को बैंडबाजा व डीजे बजवाने के सर्वाधिक 1872 आवेदनों का निस्तारण कर एक दिन में सर्वाधिक अनुमति पत्र जारी हुए। प्रभारी अधिकारी व एडीएम सिटी पश्चिम संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि आवेदक को स्टांप वेंडर के यहां से बिकने वाले फार्म पर कार्यक्रम के विस्तृत विवरण के साथ सक्षम क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट के कार्यालय में संबंधित थाने की एनओसी रिपोर्ट के साथ आवेदन करना था।
पांच फरवरी से शुरू हुई सहालग के साथ आवेदकों को परेशानी से बचाने के लिए एडीएम पश्चिम ने बैंडबाजा व डीजे की अनुमति को एकल पटल व्यवस्था लागू कराई। इससे कक्ष संख्या तीन में ऐसे सभी आवेदन जमा कर संबंधित थाने की रिपोर्ट लगवाने व मजिस्ट्रेट से अनुमति जारी करा तीन दिन बाद अनुमति पत्र वितरित कराने का काम शुरू कराया गया।
प्रभारी अधिकारी ने बताया कि 28 फरवरी तक बैंडबाजा व डीजे बजवाने की अनुमति लेने को साढ़े नौ हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। वर्तमान में 15 मार्च तक प्रस्तावित विवाह समारोह में बैंडबाजा डीजे बजवाने से जुड़े आवेदन अनुमति को लंबित हैं। इनमें से सात मार्च तक के आवेदनों को निस्तारित कर अनुमति पत्र तैयार करा लिए गए हैं। इनका वितरण चार मार्च से कलेक्ट्रेट के कक्ष संख्या सात से होगा।