देहरादून के विकासनगर कोतवाली क्षेत्र स्थित मेहूंवाला खालसा गांव से गिरफ्तार दो मादक पदार्थों के तस्करों को छुड़ाने के लिए भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। हमले में एलआईयू के दारोगा और दो सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए।
हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सिनर्जी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। दोनों के सिर और हाथों में गंभीर चोटें आई है। हमलावरों को चिह्नित कर पुलिस उनकी धरपकड़ को दबिशें दे रही है।
पुलिस के अनुसार एलआईयू के इंस्पेक्टर योगेश चंद्र को मुखबिर से सूचना मिली कि मेहूंवाला खालसा गांव के दो सगे भाई चरस के कारोबार में संलिप्त हैं।
लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने पुलिस टीम पर बोला हमला
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सूचना पर मंगलवार की रात करीब दस बजे उन्होंने कोतवाली से पुलिस कर्मियों को साथ लेकर गांव में छापा मारा। उन्होंने 1.400 किलोग्राम चरस के साथ राजेश कुमार चौहान और रमेश चौहान पुत्रगण जगत सिंह चौहान को गिरफ्तार किया। पुलिस और एलआईयू कर्मी दोनों को कोतवाली ले जाने के लिए जीप में बैठाने लगे।
दोनों भाइयों को छुड़ाने के लिए उनके समर्थन में कई लोग आ गए। उन्होंने गिरफ्तारी का विरोध शुरू कर दिया।
आक्रोशित भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने लाठी डंडों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जिसमें महिलाएं भी शामिल थी। हमले में एलआईयू के दारोगा अरविंद डंगवाल, सिपाही शादाब आलम और चालक दिनेश रावत घायल हो गए।
बुलाना पड़ा भारी पुलिस बल
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अन्य पुलिस कर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाया। बेकाबू भीड़ को देखते हुए भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा। पुलिस बल के पहुंचने से पहले ही आक्रोशित भीड़ में शामिल लोग इधर-उधर हो गए।
पुलिस दोनों भाइयों को कोतवाली ले आई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे त्यूनी क्षेत्र से चरस लाते हैं। जिन्हें आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई कर देते हैं। वे हर हफ्ते करीब चार किलो चरस को बेचते हैं।
इनका है कहना
पुलिस टीम पर हमला करने वालों को चिन्हित करने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पकड़े गए तस्करों का आपराधिक रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।
-चंद्रमोहन सिंह, सीओ