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Lucknow : नॉन फैटी लिवर कम करने के लिए बन सकेंगी दवाएं, एसजीपीजीआई के डॉक्टरों ने खोजा लिवर बढ़ाने वाला जीन

Tue, 14 Feb 2023 12:13 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

सिस्टिक फाइब्रोसिस ट्रांसमेम्ब्रेन कंडक्टेंस रिसेप्टर जीन इन रोगियों में अतिरिक्त तेज हो जाता है। चूहों में इस जीन की क्रिया को नियंत्रित किया जा सका। इससे बीमारी की दवाई तलाशने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अभी तक सिर्फ रोगियों को परहेज करने और व्यायाम की सलाह दी जाती है।
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विस्तार
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जो शराब नहीं पीते हैं और लिवर बढ़ने की समस्या से ग्रसित हो जाते हैं, अब उनका भी इलाज हो सकेगा। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने ऐसा जीन खोजा है जिसकी वजह से लिवर बढ़कर गंभीर समस्याएं पैदा करता है। डॉक्टरों ने चूहों पर प्रयोग करके इस जीन को बढ़ाने व फिर इसकी क्रिया को रोकने में सफलता पाई है। मानव पर प्रयोग करके इसकी दवा विकसित करने में सफलता हासिल होगी।
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शोधकर्ता डॉ. रोहित सिन्हा ने बताया कि भारत में 30 से 40 फीसदी आबादी इस समय नॉन फैटी लिवर से ग्रसित है। इसकी वजह गलत जीवन शैली व खानपान है। इसमें लिवर में वसा जमा हो जाती है। आगे चलकर इससे डायबिटीज, हृदय रोग के साथ फाइब्रोसिस और यकृत कैंसर भी हो सकता है। इसकी विशिष्ट दवाई मौजूद नहीं है, जिसे देखते हुए इस अध्ययन की रूपरेखा तैयार की गई। इसमें पाया गया कि सिस्टिक फाइब्रोसिस ट्रांसमेम्ब्रेन कंडक्टेंस रिसेप्टर जीन इन रोगियों में अतिरिक्त तेज हो जाता है। चूहों में इस जीन की क्रिया को नियंत्रित किया जा सका। इससे बीमारी की दवाई तलाशने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अभी तक सिर्फ रोगियों को परहेज करने और व्यायाम की सलाह दी जाती है। डॉ. सिन्हा के अनुसार शुरुआती सफलता के बाद इस क्षेत्र में और शोध की जरूरत है, जिससे दवाएं तलाशी जा सकें।
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