पंजाब का चौथा सरकारी मेडिकल कॉलेज मोहाली में बनेगा। कांग्रेस ने अपने चुनावी मेनिफेस्टो में पांच मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा किया था, यह उनमें से पहला होगा। बुधवार को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस पर सहमति जता दी। इस पर 190 करोड़ की लागत आएगी। इसमें सौ सीटें होंगी और इसकेसाथ दो सौ बेड का अस्पताल खोला जाएगा।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि इससे मेडिकल स्पेशलिस्ट की कमी दूर होगी और सूबे में मेडिकल एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार जल्द ही केंद्रीय सेहत मंत्रालय को इस संबंध में डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट सौंपेगी। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज व अस्पताल बीस एकड़ में स्थापित किया जाएगा, जिसमें साठ प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार और चालीस प्रतिशत राज्य सरकार करेगी।
कॉलेज की मेंटेनेंस आदि पर हर साल 45 करोड़ खर्च होंगे, जो राज्य सरकार वहन करेगी। मेडिकल कॉलेज की फेकल्टी में छह प्रोफेसर, 14 एसोसिएट प्रोफेसर, 18 असिस्टेंट प्रोफेसर, 17 ट्यूटर, 24 सीनियर रेसिडेंट, 25 जूनियर रेजिडेंट होंगे। इसमें अनॉटमी, फिजियोलॉजी, बायो केमिस्ट्री, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनोकोलॉजी, फार्माकोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, एनेस्थीसिया, फोरेंसिक मेडिसिन आदि विभाग होंगे।
अभी तक पंजाब में अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट में सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं। मीटिंग में सीएम ने कहा कि कई औद्योगिक घरानों ने भी राज्य में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने में रुचि दिखाई है।