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यूपी: फांसी के डर से खुद ही फंदे पर झूल गया दरिंदा, 10 साल की मासूम को बनाया था हवस शिकार

Sun, 23 Sep 2018 07:44 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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रजनीश का फाइल फोटो बाएं व फांसी पर लटका शव - फोटो : अमर उजाला
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बागपत के खेकड़ा क्षेत्र में 10 वर्षीय छात्रा की रेप के बाद हत्या की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। हर कोई आरोपी को फांसी पर चढ़ाने की मांग कर रहा था, लेकिन 60 घंटे में ही आरोपी ने खुद ही आत्मघाती कदम उठाया। लोग इसे ऊपर वाले का इंसाफ कह रहे हैं। दरिंदा खुद ही फांसी पर झूल गया। जानें आखिर मिला बिटिया को इंसाफ:-
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खेकड़ा क्षेत्र में 19 सितंबर को सांय तीन बजे के लगभग 10 वर्षीय छात्रा अचानक लापता हुई थी और 20 सितंबर की शाम छह बजे बोरे में बंद छात्रा का शव पड़ा मिला था। इस घटना के बाद जिले भर में जन आक्रोश फैल गया था। लोगों ने सड़कों पर उतर कर कैंडल मार्च निकाले। हर कोई आरोपी को फांसी पर चढ़ाने की मांग कर रहा था। इस घटना से हर कोई आहात था।

स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा भी खेकड़ा कस्बे में रैली निकाल कर विरोध जताया गया। 21 सितंबर की रात में तीन बजे के बाद आरोपी रजनीश स्वयं ही फांसी के फंदे पर झूल गया। 22 सितंबर को शव घर पर फांसी के फंदे पर लटका मिला। लोगों का कहना है कि आरोपी को कानूनी तौर पर सजा दिलाने में कई साल लग जाते। यह भी हो सकता था कि वह अपने आप को बचाने में कामयाब हो जाता, लेकिन ऊपर वाले ने जो इंसाफ किया है, बिल्कुल सही किया है। दरिंदे को फांसी की सजा मिल गई।  

बड़ौत निवासी मनोविज्ञान के शिक्षक पंकज कुमार कहते हैं कि ऐसी स्थिति में आरोपी को जनाक्रोश भड़कने का डर रहता है। पकड़े जाने और सजा के डर के कारण ही आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया। 

महफूज नहीं बचपन, मासूमों के पीछे घूम रहे हैं दरिंदे 
बचपन महफूज नहीं है। दरिंदे मासूमों के पीछे घूम रहे हैं, ऐसी एक या दो नहीं बल्कि कई वारदात हो चुकी है। मुकारी के मासूम की कुकर्म के बाद हत्या कर दी । दो साल पहले कांवड़ सेवा शिविर से भड़ल के आर्यन का अपहरण हो गया । अब खेकड़ा की वारदात से अभिभावक सन्न रह गए हैं। पुलिस बच्चों पर होने वाली वारदातों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। 
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दो साल पहले कांवड़ सेवा शिविर से भड़ल के आर्यन का अपहरण हो गया था। कई दिन तलाश के बाद मासूम की लाश मेरठ में मिली। पुलिस पर वारदात में लीपापोती करने का आरोपी लगा। भड़ल चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए। इसके अलावा बालैनी थाना क्षेत्र के मुकारी गांव से मासूम को परिचित ने ही बहला फुसलाकर अगवा किया और इसके बाद हत्या कर दी। मासूम के साथ दरिंदगी भी की गई थी। अब खेकड़ा में इसी तरह का मामला सामने आया है। पुलिस बच्चों के खिलाफ अपराध रोकने में नाकाम साबित हो रही है। खेकड़ा की वारदात के बाद अभिभावक सहमे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को बाजार और स्कूल भेजते हुए डर लगने लगा है। 

निकट के लोग ही रहे वारदातों में शामिल 
 बच्चों पर अपराध की जितनी भी वारदातें हुई हैं, उनमें अधिकतर में परिचित ही शामिल रहे हैं। ऐसे लोगों ने वारदात अंजाम दी, जिनकी बच्चों से जान पहचान थी और बच्चे आसानी से इनके जाल में फंस गए। 

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