सीएम योगी गोरखपुर उपचुनाव की हार का बदला लेने के लिए मौजूदा सांसद प्रवीण निषाद को पार्टी में शामिल कराने से लेकर निषाद पार्टी का समर्थन लेने जैसे सभी संभव रणनीतिक दांव चल चुके हैं। इसके बावजूद वे किसी तरह का खतरा नहीं उठाना चाहते, इसलिए गोरखपुर में डेरा डाल दिया है। पूरी रणनीति खुद तैयार कराई है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ सम्मेलन कर चुके हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का रोड शो 16 मई की शाम को होना है।
छुट्टा जानवर सबसे बड़ा मुद्दा
भेंटिया भींटी में श्याम सुंदर ने बताया कि छुट्टा जानवरों से फसल बचाने के लिए घेराबंदी करने व जाल लगवाने में बड़ा पैसा खर्च होने लगा है। इसके बाद भी जानवरों के झुंड पूरा जाल तोड़ देते हैं। सहजनवां, कैंपियरगंज, पिपराइच व गोरखपुर ग्रामीण तक लोग इस समस्या से परेशान नजर आए। कई जगह लोगों ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले यह समस्या खत्म नहीं हुई तो भाजपा के विधायक गांवों में घुस नहीं पाएंगे।
एम्स, फर्टिलाइजर, पिपराइच चीनी मिल की उपलब्धि गिना रहे लोग
गोरखपुर ग्रामीण के फुरसतपुर में राम बचन व अंजलि अपनी दुकान पर मिले। अंजलि ने बताया कि सालों से बंद पिपराइच चीनी मिल योगी के सीएम बनने के दो साल के अंदर चालू हो गई। चिड़ियाघर बन रहा है। एम्स की ओपीडी भी चलने लगी है। फर्टिलाइजर भी तेजी से बन रहा है। रोजगार बढ़ रहा है। इस बार लोग उपचुनाव वाली गलती नहीं करने जा रहे हैं। कहती हैं कि गठबंधन न होता तो कोई लड़ाई ही नहीं थी।
लोग बात कर रहे हैं कि न तो उपचुनाव में प्रत्याशी महाराजजी की पसंद का था और न ही इस आम चुनाव में पसंद का प्रत्याशी दिया गया। हालांकि गोरखपुर विवि छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री नीरज शाही कहते हैं कि महाराजजी के निर्देश मिल गए हैं। उन्होंने 2014 से अधिक लीड से जीत का लक्ष्य दिया है।
योगी को घेरने की अखिलेश की पूरी कोशिश
गोरक्षपीठ की परंपरागत सीट मानी जाने वाली गोरखपुर लोकसभा सीट को 29 वर्ष बाद छीनने में सफल हुई सपा इस सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती मंगलवार को संयुक्त रैली से ताकत दिखा चुके हैं। बड़ी संख्या में पार्टी नेता जिले में डेरा डाले हुए हैं।
रवि किशन - फिल्म स्टार हैं। पिछला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर से लड़े, लेकिन हार गए थे। भाजपा ने उपचुनाव की तरह फिर ब्राह्मण प्रत्याशी पर दांव लगाया है।
रामभुआल निषाद- मौजूदा सांसद प्रवीण के भाजपा में जाने के बाद सपा ने मौका दिया। पिछला चुनाव बसपा से लड़े और 1.76 लाख वोट पाए। पूर्व विधायक और मंत्री रहे हैं।
मधुसूदन तिवारी- सिविल बार एसोसिएशन गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष और यूपी बार काउंसिल के सदस्य हैं। पहली बार कांग्रेस से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।